शपथ ग्रहण के साथ गोवा के सीएम बने मनोहर पर्रिकर, 16 मार्च को सिद्ध करेंगे बहुमत

नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों के बाद गोवा में नई सरकार के गठन को लेकर शुरू कवायद में बीजेपी ने पहली कामयाबी हासिल कर ली है। दूसरा सबसे बड़ा दल होने के वाबजूद सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद बीजेपी की ओर मनोहर पर्रिकर ने सीएम और उनके सहयोगी नौ विधायकों ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। हालांकि नई सरकार बनाने में बीजेपी को मिली प्राथमिकता के मामले के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद मनोहर पर्रिकर के सामने 16 मार्च को विधानसभा के भीतर बहुमत साबित करने की चुनौती होगी।




मनोहर पर्रिकर के शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले गोवा में सरकार बनाने के दावे के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस को हताशा हाथ लगी। सबसे पहले अदालत ने कांग्रेस की लेटलतीफी पर सवाल उठाया और उसके बाद मनोहर पर्रिकर के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की उसकी अपील को भी खारिज कर पार्टी को तगड़ा झटका दिया। इस बीच से अदालत ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा की ओर से मनोहर पर्रिकर को बहुमत साबित करने के लिए दी गई 15 दिनों की मोहलत को घटाकर मात्र 2 दिन कर दिया है। अदालत के आदेशानुसार मनोहर पर्रिकर गुरुवार को 40 विधायकों वाली गोवा विधानसभा के भीतर अपना बहुमत सबित करेंगे।




सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस का आरोप था कि केन्द्र में सत्तारूढत्र बीजेपी के प्रभाव के चलते गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने 13 विधायकों के साथ दूसरे स्थान की पार्टी को सरकार बनाने का मौका देकर लोकतंत्र की हत्या की है। नियमानुसार राज्यपाल को चाहिए था कि सबसे बड़े सियासी दल को सरकार बनाने का न्यौता देतीं। चूंकि कांग्रेस ने गोवा विधानसभा चुनावों में 18 सीटों पर जीत हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी पहचान बनाई है, इसलिए गोवा में सरकार बनाने का पहला अधिकार उसका ही बनता है।




कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेसी नेताओं की बयानबाजी में कोई कमी नहीं आई है। गोवा कांग्रेस की कमान सभाल रहे वरिष्ठ कांग्रेसी दिग्विजय सिंह ने मंगलवार की दोपहर अपने 17 विधायकों के साथ राज्यपाल से न सिर्फ मुलाकात की बल्कि राजभवन से निकलने के बाद एक ट्वीट कर कहा कि उन्होंने 12 मार्च को ही राज्यपाल से मुलाकात के लिए समय मांगा था, लेकिन राजभवन से छुट्टी होने का हवाला देते हुए किसी भी मुलाकात से इंकार ​कर दिया गया था।




आपको बता दें कि 13 विधायकों के साथ नंबर दो पर रही बीजेपी ने दो छोटे दलों के 6 व दो अन्य निर्दलीय विधायकों के समर्थन से बहुमत के लिए आवश्यक 21 विधायकों की संख्याबल अपने पास होने का दावा किया था। पार्टी की ओर से मनोहर पर्रिकर ने स्वयं को बहुमत दल के नेता के रूप में पेश किया था।

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