यूपी से राज्यसभा जा सकते हैं मनोज सिन्हा

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यूपी से राज्यसभा जा सकते हैं मनोज सिन्हा

लखनऊ। वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली के निधन के बाद से रिक्त उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीट पर 16 अक्तूबर को उपचुनाव होगा। अधिसूचना जारी होने के साथ ही 27 सितंबर से निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

Manoj Sinha Can Go To Rajya Sabha From Up :

सूत्रों की मानें तो अरुण जेटली के निधन से उत्तर प्रदेश से खाली हुई राज्यसभा की एक सीट पर भाजपा मनोज सिन्हा को उम्मीदवार बना सकती है।  2014 में गाजीपुर से सांसद रहे मनोज सिन्हा को 2019 लोकसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था। वह 1996 और 1999 में भी गाजीपुर से सांसद रह चुके हैं।

निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा कर दी है। 16 अक्टूबर को चुनाव होंगे जिसकी प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है। मनोज सिन्हा मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री थे और उनके पास कई विभागों का जिम्मा था। मनोज को नरेंद्र मोदी के करीबी नेताओं में माना जाता है। एक समय वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की रेस में भी थे। हालांकि कुछ सूत्र यह भी कह रहे हैं कि उन्हें बिहार से भी राज्यसभा भेजा जा सकता है। बता दें कि राम जेठमलानी के निधन के बाद बिहार में भी राज्यसभा का एक सीट खाली हुआ है जिस पर भी 16 अक्टूबर को चुनाव होने हैं।

उत्तर प्रदेश में अरुण जेटली भाजपा कोटे से थे जबकि बिहार में राम जेठमलानी आरजेडी के कोटे से थे। लेकिन बिहार की बात करें तो आरजेडी इस स्थिति में नहीं है कि वह अपने दम पर किसी को राज्यसभा भेज सकें। ऐसे में इस पर भाजपा और जदयू जो कि वर्तमान में सत्ता में है अपने-अपने दावे ठोकने लगे हैं। अगर नीतीश से भाजपा की बात अब बन जाती है तो हो सकता है मनोज सिन्हा को बिहार से भी राज्यसभा भेजा जाए। मनोज सिन्हा भूमिहार जाति से हैं और आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिहार में भाजपा का समीकरण फिट बैठ सकता है।

लखनऊ। वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली के निधन के बाद से रिक्त उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीट पर 16 अक्तूबर को उपचुनाव होगा। अधिसूचना जारी होने के साथ ही 27 सितंबर से निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सूत्रों की मानें तो अरुण जेटली के निधन से उत्तर प्रदेश से खाली हुई राज्यसभा की एक सीट पर भाजपा मनोज सिन्हा को उम्मीदवार बना सकती है।  2014 में गाजीपुर से सांसद रहे मनोज सिन्हा को 2019 लोकसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था। वह 1996 और 1999 में भी गाजीपुर से सांसद रह चुके हैं। निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा कर दी है। 16 अक्टूबर को चुनाव होंगे जिसकी प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है। मनोज सिन्हा मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री थे और उनके पास कई विभागों का जिम्मा था। मनोज को नरेंद्र मोदी के करीबी नेताओं में माना जाता है। एक समय वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की रेस में भी थे। हालांकि कुछ सूत्र यह भी कह रहे हैं कि उन्हें बिहार से भी राज्यसभा भेजा जा सकता है। बता दें कि राम जेठमलानी के निधन के बाद बिहार में भी राज्यसभा का एक सीट खाली हुआ है जिस पर भी 16 अक्टूबर को चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश में अरुण जेटली भाजपा कोटे से थे जबकि बिहार में राम जेठमलानी आरजेडी के कोटे से थे। लेकिन बिहार की बात करें तो आरजेडी इस स्थिति में नहीं है कि वह अपने दम पर किसी को राज्यसभा भेज सकें। ऐसे में इस पर भाजपा और जदयू जो कि वर्तमान में सत्ता में है अपने-अपने दावे ठोकने लगे हैं। अगर नीतीश से भाजपा की बात अब बन जाती है तो हो सकता है मनोज सिन्हा को बिहार से भी राज्यसभा भेजा जाए। मनोज सिन्हा भूमिहार जाति से हैं और आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिहार में भाजपा का समीकरण फिट बैठ सकता है।