केजरी के वार पर मनोज तिवारी का पलटवार

manoj tiwari
दिल्ली चुनाव: मनोज तिवारी ने भेजा केजरीवाल को 500 करोड़ के मानहानि का नोटिस

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एनआरसी को लेकर कहा कि अगर दिल्ली में एनआरसी लागू हुआ तो सबसे पहले मनोज तिवारी को जाना होगा। इस पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केजरीवाल पर पलटवार किया है। तिवारी ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या पूर्वांचल का रहने वाला एक व्यक्ति अवैध घुसपैठिया है। आपको बता दें कि असम में एनआरसी लिस्ट जारी होने के बाद से देश के विभिन्न राज्यों में भी इसे लागू करने की मांग हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी भी दिल्ली में एनआरसी को लागू करवाने की बात कह चुके हैं।

Manoj Tiwaris Counter Attack On Kejris Attack :

मनोज तिवारी ने कहा कि जो लोग दूसरे राज्यों में बस गए हैं वह दिल्ली के सीएम के लिए विदेशी है। आप उन्हें दिल्ली से बाहर करना चाहते हैं, आप उनमें से एक हैं। अगर यह उनका इरादा है तो मुझे लगता है कि उन्होंने अपनी मानसिक स्थिरता खो दी है। एक आईआरएस अधिकारी कैसे नहीं जानता कि एनआरसी क्या है?

इसके पहले बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एनआरसी पर बयान देते हुए आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर दिल्ली में एनआरसी लागू हुआ तो सबसे पहले मनोज तिवारी को ही जाना होगा। गौरतलब है कि 31 अगस्त को दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली में भी एनआरसी लागू करने की वकालत की थी।

ऐसा पहली बार नहीं है जब मनोज तिवारी ने राष्ट्रीय राजधानी से अवैध अप्रवासियों को भगान के लिए एनआरसी की मांग की हो। उन्होंने इस साल मई में इसी तरह का बयान दिया था जब दिल्ली के मोती नगर इलाके में एक शख्स की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। उन्होंने उस वक्त कहा था कि संदिग्ध हत्यारा रोहिंग्या या फिर बांग्लादेशी हो सकता है।

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एनआरसी को लेकर कहा कि अगर दिल्ली में एनआरसी लागू हुआ तो सबसे पहले मनोज तिवारी को जाना होगा। इस पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केजरीवाल पर पलटवार किया है। तिवारी ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या पूर्वांचल का रहने वाला एक व्यक्ति अवैध घुसपैठिया है। आपको बता दें कि असम में एनआरसी लिस्ट जारी होने के बाद से देश के विभिन्न राज्यों में भी इसे लागू करने की मांग हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी भी दिल्ली में एनआरसी को लागू करवाने की बात कह चुके हैं। मनोज तिवारी ने कहा कि जो लोग दूसरे राज्यों में बस गए हैं वह दिल्ली के सीएम के लिए विदेशी है। आप उन्हें दिल्ली से बाहर करना चाहते हैं, आप उनमें से एक हैं। अगर यह उनका इरादा है तो मुझे लगता है कि उन्होंने अपनी मानसिक स्थिरता खो दी है। एक आईआरएस अधिकारी कैसे नहीं जानता कि एनआरसी क्या है? इसके पहले बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एनआरसी पर बयान देते हुए आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर दिल्ली में एनआरसी लागू हुआ तो सबसे पहले मनोज तिवारी को ही जाना होगा। गौरतलब है कि 31 अगस्त को दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली में भी एनआरसी लागू करने की वकालत की थी। ऐसा पहली बार नहीं है जब मनोज तिवारी ने राष्ट्रीय राजधानी से अवैध अप्रवासियों को भगान के लिए एनआरसी की मांग की हो। उन्होंने इस साल मई में इसी तरह का बयान दिया था जब दिल्ली के मोती नगर इलाके में एक शख्स की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। उन्होंने उस वक्त कहा था कि संदिग्ध हत्यारा रोहिंग्या या फिर बांग्लादेशी हो सकता है।