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चिन्मयानंद के कई करीबी SIT के निशाने पर, जल्द कस सकता है शिकंजा

By बलराम सिंह 
Updated Date

Many Close To Chinimanand Targeted Sit May Soon Screw Up

शाहजहांपुर। पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद और लॉ स्टूडेंट केस में अभी कई और चेहरे बेनकाब होने बाकी हैं। दो मुकदमों की अब तक की पड़ताल में चिन्मयानंद और लॉ स्टूडेंट समेत पांच आरोपी सामने आए हैं। हालांकि एसआईटी सूत्रों का कहना है कि अभी आधा दर्जन आरोपी और सामने आ सकते हैं। पूरे प्रकरण में उनकी भूमिका के अहम सुबूत मिल गए हैं।

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विधि छात्रा के यौन शोषण और दुराचार के आरोपी चिन्मयानंद जेल में बंद हैं। वहीं चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के आरोप में पीड़ित छात्रा, उसके साथी संजय सिंह, विक्रम सिंह और सचिन सेंगर भी जेल में हैं। इन दोनों मामलों में कई सह अभियुक्त भी सामने आ सकते हें। मसलन इस प्रकरण में छात्रा ने एसएस लॉ कालेज के प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाए थे।

उसने कहा था कि वह जानबूझ का देर तक आफिस में काम के लिए रोकते थे। उन पर तो ऐसा भी आरोप है कि वह जबरिया चिन्मयानंद के पास उसे भेजते थे। इसी तरह से एसएस कालेज के प्रिंसिपल डा. अवनीश मिश्रा पर भी शिकंजा कस सकता है, क्योंकि वह एसएस लॉ कालेज प्रबंध कमेटी में महत्वपूर्ण पद पर हैं। कालेज का हास्टल भी इनकी ही केयरटेकिंग में था। इस हास्टल का वार्डन पद झरना को दे दिया गया। इसी तरह से रंगदारी मामले में अब तक केवल छात्रा, संजय, विक्रम और सचिन का नाम ही सामने आया और उन्हें जेल भी हो गई।

आपको बता दें कि रंगदारी मांगने के आरोपी संजय सिंह की जमानत पर बहस 15 अक्टूबर को होनी है। इस बहस के बाद एसआईटी सेकेंड राउंड में कार्रवाई की तगड़ी तैयारी कर रही है। इस सेकेंड राउंड में दोनों केसों में शामिल सह आरोपियों की धरपकड़ की तैयारी मानी जा रही है। एसआईटी दोनों ही केसों में उन सभी को कानून के दायरे में लाने की तैयारी में है जो लोग अब तक किसी की नजर में नहीं हैं।

चिन्मयानंद पर दुराचार का केस दर्ज हुआ। पर्याप्त सबूत के बाद ही एसआईटी ने चिन्मयानंद पर दुराचार की धारा 376 सी लगाई। इस केस में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि वह क्या कर रहे हैं, यह बात कालेज के कई महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों को पता थी। वह जानते थे कि चिन्मयानंद जो कुछ कर रहे हैं, वह गैरकानूनी है, पढ़े लिखे होने और कानून का ज्ञान होने के बाद भी उन्हें रोका नहीं गया, इसलिए महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग कानून के दायरे में आ रहे हैं।

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अधिवक्ता ओम सिंह को मिल चुकी है धमकी

पूरे मामले में सबसे पहले चिन्मयानंद की ओर से रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराने वाले अधिवक्ता ओम सिंह को कई बार धमकी मिल चुकी हैं। ओम सिंह की शिकायत के बाद एसआईटी ने जांच कर रंगदारी मांगने के आरोपियों को पकड़ा। ओम सिंह ने यह तो नहीं बताया कि उन्हें धमकी किसने दी है, लेकिन उन्होंने खुद की जान को खतरा बताया है।

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