केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले, 14 फसलों पर किसान को 50-83% ज्यादा दाम मिलेंगे

पीएम मोदी
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले, 14 फसलों पर किसान को 50-83% ज्यादा दाम मिलेंगे

नई दिल्ली। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरे होने के बाद सोमवार को पहली बार पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में क्या फैसले लिए गए उसे प्रेसवार्ता के जरिए बताया जा रहा है।मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद बड़े फैसलों की जानकारी देने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गड़करी और नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपलब्ध रहे। प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए कई तरह फैसले लिए गए। उन्होंने बताया कि एमएसएमई की परिभाषा को और संशोधित किया गया है।

Many Important Decisions In Central Cabinet Meeting Farmer Will Get 50 83 More Price On 14 Crops :

एमएमएमई को प्रोत्साहित करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे 2 लाख एमएसएमई को लाभ पहुंचेगा।
50 करोड़ तक निवेश वाली इकाई एमएसएमई के तहत आएगी।
250 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली इकाई भी एमएसएमई के अंतर्गत आएगी।
एमएसएमई के निर्यात का टर्नओवर इसमें नहीं जोड़ा जाएगा। इससे नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सरकार ने 4000 करोड़ रुपये के डिस्ट्रेस फंड को मंजूरी दी।
फुटपाथ विक्रेताओं समेत रेहड़ी पटरी वालों को 10 हजार रुपये तक कर्ज दिया जाएगा।
सरकार ने किसानों के लिए भी कई अहम फैसले लिए हैं।
14 फसलों पर किसानों को लागत से 50 से 83 फीसदी ज्यादा कीमत मिलेगी।
खेती से जुड़े काम के लिए 3 लाख तक के अल्पकालिक कर्ज के भुगतान की तिथि 31 अगस्त 2020 तक बढ़ाई गई है।
किसानों के अलावा खेती से जुड़ी अन्य गतविधियों को भी वित्तीय मदद दी है।
80 लाख टन से ज्यादा अनाज लोगों तक पहुंचाया गया।
किसानों को ब्याज में छूट देने का भी प्रावधान किया जा रहा है।
कृषि के क्षेत्र में बड़े फैसले
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से जुड़े फैसलों के बारे में जानकारी दी।
सरकार ने हर मामले पर संवदेनशीलता से काम किया और इसी वजह से समय पर किसानों ने फसल की कटाई का काम किया।
इसी वजह से किसानों ने देश को बंपर फसल पैदा कर के दी।
कई फसलों के समर्थन मूल्यों में बढ़ोतरी की गई है।

नई दिल्ली। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरे होने के बाद सोमवार को पहली बार पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में क्या फैसले लिए गए उसे प्रेसवार्ता के जरिए बताया जा रहा है।मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद बड़े फैसलों की जानकारी देने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गड़करी और नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपलब्ध रहे। प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए कई तरह फैसले लिए गए। उन्होंने बताया कि एमएसएमई की परिभाषा को और संशोधित किया गया है। एमएमएमई को प्रोत्साहित करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे 2 लाख एमएसएमई को लाभ पहुंचेगा। 50 करोड़ तक निवेश वाली इकाई एमएसएमई के तहत आएगी। 250 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली इकाई भी एमएसएमई के अंतर्गत आएगी। एमएसएमई के निर्यात का टर्नओवर इसमें नहीं जोड़ा जाएगा। इससे नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार ने 4000 करोड़ रुपये के डिस्ट्रेस फंड को मंजूरी दी। फुटपाथ विक्रेताओं समेत रेहड़ी पटरी वालों को 10 हजार रुपये तक कर्ज दिया जाएगा। सरकार ने किसानों के लिए भी कई अहम फैसले लिए हैं। 14 फसलों पर किसानों को लागत से 50 से 83 फीसदी ज्यादा कीमत मिलेगी। खेती से जुड़े काम के लिए 3 लाख तक के अल्पकालिक कर्ज के भुगतान की तिथि 31 अगस्त 2020 तक बढ़ाई गई है। किसानों के अलावा खेती से जुड़ी अन्य गतविधियों को भी वित्तीय मदद दी है। 80 लाख टन से ज्यादा अनाज लोगों तक पहुंचाया गया। किसानों को ब्याज में छूट देने का भी प्रावधान किया जा रहा है। कृषि के क्षेत्र में बड़े फैसले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से जुड़े फैसलों के बारे में जानकारी दी। सरकार ने हर मामले पर संवदेनशीलता से काम किया और इसी वजह से समय पर किसानों ने फसल की कटाई का काम किया। इसी वजह से किसानों ने देश को बंपर फसल पैदा कर के दी। कई फसलों के समर्थन मूल्यों में बढ़ोतरी की गई है।