मुजफ्फरपुर कांड: सीबीआई के राडार पर आए कई सफेदपोश, गिर सकती है गाज

mujafferpur case
मुजफ्फरपुर कांड: सीबीआई के राडार पर आए कई सफेदपोश, गिर सकती है गाज

पटना। मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह में हुई सनसनीखेज घटना के बाद सीबीआई पूरे मामले की जांच बारीकी से कर रही है। जिसके निशाने पर कई सफेदपोश भी आ गए है। सूत्रों का कहना है कि बालिका गृह से छानबीन के बाद कई ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे कई सफेदपोशों का वास्ता है। बताया जा रहा है कि जब्त फाइलों से बड़ा नेटवर्क सामने आ सकता है। मुजफ्फरपुर के कई सफेदपोशों से भी सीबीआई ब्रजेश से लिंक के बारे में पूछताछ कर सकती है।

Many Minister On The Radar Of The Cbi Im Mujafferpur Case :

उधर, बालिका गृह कांड में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के निजी सहायक अमरेश कुमार अमर और मंत्रालय में सहायक निदेशक पूनम सिन्हा से सीबीआई पूछताछ कर सकती है। इन दोनों के नामों का जिक्र सीबीआई ने केस डायरी में किया है। सूत्रों के अनुसार अमरेश पर आरोप है कि वह सभी जिलों के सहायक निदेशकों से व्यवस्था संभालने के लिए सीधे संपर्क रखता था। वहीं ब्रजेश ठाकुर की मंत्री के पति से काफी लम्बी बातचीत होती थी।

बता दें कि इस सनसनीखेज मामले में सीबीआई अभी तक तमाम लोगो से पूछताछ कर चुकी है। उसकी लिस्ट में एक पूर्व मंत्री और कुछ नेताओं के अलावा समाज कल्याण विभाग के बड़े अफसर भी शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई जल्द ही इन लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। हालांकि पूछताछ कब और कहां होगी इसका खुलासा नहीं किया गया है।

इसके अलावा मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के करीबियों की भी लिस्ट तैयार कर ली गई है। इनसे भी पूछताछ की जाएगी। फिलहाल सीबीआई की टीम का उन कागजों को खंगालने का काम लगभग पूरा हो चुका है जो समाज कल्याण विभाग से लिए गए थे या बालिका गृह की छानबीन के दौरान सीबीआई के हाथ लगे थे।

ब्रजेश के एनजीओ और समाज कल्याण विभाग के बीच पत्राचार की कई कॉपियां बालिका गृह की तलाशी के दौरान सीबीआई को मिली हैं। इनमें भी कुछ अहम सुराग मिले है, जिनको आधार बनाकर टीम समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भी घेर सकती है। इन अधिकारियों से एनजीओ को बालिका गृह के संचालन का ठेका देने से लेकर उसे दिए गए फंड को लेकर पूछताछ होगी।

पटना। मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह में हुई सनसनीखेज घटना के बाद सीबीआई पूरे मामले की जांच बारीकी से कर रही है। जिसके निशाने पर कई सफेदपोश भी आ गए है। सूत्रों का कहना है कि बालिका गृह से छानबीन के बाद कई ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे कई सफेदपोशों का वास्ता है। बताया जा रहा है कि जब्त फाइलों से बड़ा नेटवर्क सामने आ सकता है। मुजफ्फरपुर के कई सफेदपोशों से भी सीबीआई ब्रजेश से लिंक के बारे में पूछताछ कर सकती है।उधर, बालिका गृह कांड में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के निजी सहायक अमरेश कुमार अमर और मंत्रालय में सहायक निदेशक पूनम सिन्हा से सीबीआई पूछताछ कर सकती है। इन दोनों के नामों का जिक्र सीबीआई ने केस डायरी में किया है। सूत्रों के अनुसार अमरेश पर आरोप है कि वह सभी जिलों के सहायक निदेशकों से व्यवस्था संभालने के लिए सीधे संपर्क रखता था। वहीं ब्रजेश ठाकुर की मंत्री के पति से काफी लम्बी बातचीत होती थी।बता दें कि इस सनसनीखेज मामले में सीबीआई अभी तक तमाम लोगो से पूछताछ कर चुकी है। उसकी लिस्ट में एक पूर्व मंत्री और कुछ नेताओं के अलावा समाज कल्याण विभाग के बड़े अफसर भी शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई जल्द ही इन लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। हालांकि पूछताछ कब और कहां होगी इसका खुलासा नहीं किया गया है।इसके अलावा मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के करीबियों की भी लिस्ट तैयार कर ली गई है। इनसे भी पूछताछ की जाएगी। फिलहाल सीबीआई की टीम का उन कागजों को खंगालने का काम लगभग पूरा हो चुका है जो समाज कल्याण विभाग से लिए गए थे या बालिका गृह की छानबीन के दौरान सीबीआई के हाथ लगे थे।ब्रजेश के एनजीओ और समाज कल्याण विभाग के बीच पत्राचार की कई कॉपियां बालिका गृह की तलाशी के दौरान सीबीआई को मिली हैं। इनमें भी कुछ अहम सुराग मिले है, जिनको आधार बनाकर टीम समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भी घेर सकती है। इन अधिकारियों से एनजीओ को बालिका गृह के संचालन का ठेका देने से लेकर उसे दिए गए फंड को लेकर पूछताछ होगी।