कल है मार्गशीर्ष पूर्णिमा, जाने क्या है इसका महत्व और इससे जुड़ी कुछ खास बातें

कल है मार्गशीर्ष पूर्णिमा, जाने क्या है इसका महत्व और इससे जुड़ी कुछ खास बातें
कल है मार्गशीर्ष पूर्णिमा, जाने क्या है इसका महत्व और इससे जुड़ी कुछ खास बातें

नई दिल्ली। मार्गशीर्ष या अगहन माह को अति पवित्र महिना माना जाता है। मार्गशीर्ष माह में ही भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। पुराणों में इस महीने की पूर्णिमा को भी महत्वपूर्ण और फलदायी माना गया है। इस पूर्णिमा पर स्नान, दान और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है। ये पूर्णिमा इस वर्ष 12 दिसंबर यानि गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन श्री हरि या शिव जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए। आइये जानते हैं इस दिन के महत्त्व और इससे जुड़ी खास बातों के बारे में…

Margshirsha Purnima 2019 Date And Time Know Why Special This Year :

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व

  • इस दिन को दैवीयता का दिन माना जाता है।
  • महीनों में सबसे पवित्र माह का अंतिम दिन है।
  • इस दिन ध्यान दान और स्नान विशेष लाभकारी होता है।
  • इस दिन चन्द्रमा को अमृत से सिंचित किया गया था।
  • अतः इस दिन चन्द्रमा की उपासना जरूर करना चाहिए।

    इस बार की पूर्णिमा है खास

  • चन्द्रमा अपनी सबसे मजबूत स्थिति में रहेगा।
  • बृहस्पति चन्द्रमा का गजकेसरी योग भी होगा।
  • अमृत और अमरता का कारक चन्द्रमा भी बलवान होगा।
  • इसके अलावा सुख को बढ़ाने वाला ग्रह शुक्र भी स्वगृही होगा।
  • इस पूर्णिमा को स्नान और दान करने से चन्द्रमा की पीड़ा से मुक्ति मिलेगी।
  • साथ ही साथ आर्थिक स्थिति भी अच्छी होती जाएगी।
नई दिल्ली। मार्गशीर्ष या अगहन माह को अति पवित्र महिना माना जाता है। मार्गशीर्ष माह में ही भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। पुराणों में इस महीने की पूर्णिमा को भी महत्वपूर्ण और फलदायी माना गया है। इस पूर्णिमा पर स्नान, दान और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है। ये पूर्णिमा इस वर्ष 12 दिसंबर यानि गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन श्री हरि या शिव जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए। आइये जानते हैं इस दिन के महत्त्व और इससे जुड़ी खास बातों के बारे में... मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व
  • इस दिन को दैवीयता का दिन माना जाता है।
  • महीनों में सबसे पवित्र माह का अंतिम दिन है।
  • इस दिन ध्यान दान और स्नान विशेष लाभकारी होता है।
  • इस दिन चन्द्रमा को अमृत से सिंचित किया गया था।
  • अतः इस दिन चन्द्रमा की उपासना जरूर करना चाहिए। इस बार की पूर्णिमा है खास
  • चन्द्रमा अपनी सबसे मजबूत स्थिति में रहेगा।
  • बृहस्पति चन्द्रमा का गजकेसरी योग भी होगा।
  • अमृत और अमरता का कारक चन्द्रमा भी बलवान होगा।
  • इसके अलावा सुख को बढ़ाने वाला ग्रह शुक्र भी स्वगृही होगा।
  • इस पूर्णिमा को स्नान और दान करने से चन्द्रमा की पीड़ा से मुक्ति मिलेगी।
  • साथ ही साथ आर्थिक स्थिति भी अच्छी होती जाएगी।