मरने से पहले दुजाना के बोल: मुबारक हो आपको, लेकिन मैं आत्मसमर्पण नहीं करूंगा

जम्मू। 1अगस्त को पुलवामा में एक मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए लश्कर कंमाडर अबु दुजाना को सेना के अधिकारियों ने पहले आत्मसमर्पण करने को कहा था, लेकिन उसने ऐसा करने से इन्कार कर दिया था। दुजाना ने सेना के अधिकारियों को यह भी कहा कि वह अपने पीछे गिलगित-बाल्टिस्तान में अपने माता-पिता को जिहाद के लिए छोड़कर जा रहा है।

दुजाना ने फोन पर उस फौजी अफसर से पूछा, ”क्‍या हाल है? मैंने कहा, क्‍या हाल है?” अफसर ने जवाब दिया, ”हमारा हाल छोड़ दुजाना, तुम सरेंडर क्‍यों नहीं कर देते? तुमने इस लड़की से शादी की है। तुम जो कर रहे हो, वो सही नहीं है” अफसर ने दुजाना को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि पाकिस्‍तानी एजेंसियां नौजवानों का इस्‍तेमाल करके कश्‍मीर का माहौल खराब करना चाहती हैं। इस पर दुजाना ने कहा, ”हम निकले थे शहीद होने, मैं क्‍या करूं… जिसको गेम खेलना है खेलो। कभी हम आगे, कभी आप, आज आपने पकड़ लिया, मुबारक हो आपको, जिसको जो करना है कर लो।”

उसके बाद अफसर ने अंतिम रूप से जब उसको सरेंडर करने को कहा तो दुजाना ने कहा, ”सरेंडर नहीं कर सकता। जो मेरी किस्‍मत में लिखा होगा, अल्‍लाह वही करेगा, ठीक है?” हालांकि बातचीत की कड़ी में अबु दुजाना ने ये माना कि उसके माता-पिता गिलगिट-बाल्टीस्तान में रहते हैं जो पाकिस्तान के खैबरपख्तूनख्वा प्रांत में स्थित है।