मार्शल अर्जन सिंह का निधन, PM मोदी बोले- ‘शानदार योगदान के लिये हमेशा याद आएंगे’

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Marshal Arjan Singh Passed Away

नई दिल्ली। देश के गौरव और भारतीय वायु सेना के एक मात्र फाइव स्टार मार्शल अर्जन सिंह का 98 साल की उम्र में शनिवार की शाम करीब 7:47 बजे निधन हो गया। अर्जन सिंह को दिल का दौरा पड़ने के बाद दिल्ली स्थित अर्मी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर शोक जताया है।


अर्जन सिंह को भारतीय वायु सेना के ऐसे सिपाही के रूप में पहचाना जाता है जिसने ब्रिटिश काल में इंग्लैण्ड स्थित रॉयल एयर फोर्स कालेज क्रेनवाल से पॉयलट अफसर के रूप में अपनी ट्रेनिंग करने के बाद वायुसेना में अपनी जगह बनाई। अर्जन की सिंह 1944 में भारतीय वायु सेना के पहले लडाकू बेडे का नेतृत्व किया था।

1 अगस्त 1964 में वह 45 साल की उम्र में एयर फोर्स स्टॉफ के चीफ नियुक्त किया गए और उन्होंने 15 जुलाई 1969 तक इस पद रहे। जिसके बाद वह वायु सेना के पहले चीफ एयर मार्शल बने 1970 में उन्होंने 50 साल की उम्र में रिटायमेंट ले लिया। वह इस पद पर सबसे ज्यादा समय तक तैनात रहने वाले सेना के अधिकारी रहे।

वायु सेना के लिए उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें पद्म विभूषण सम्मान दिया गया। वायु सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें बतौर राजदूत, राज्यपाल और सुरक्षा सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं देश के लिए प्रदान की।

अर्जन सिंह ने आजादी के दिन यानी 15 अगस्त 1947 को वायु सेना के 100 से भी अधिक विमानों के लाल किले के ऊपर से फ्लाइ-पास्ट का भी नेतृत्व किया था। पाकिस्तान के खिलाफ जंग में उनकी भूमिका के बाद वायु सेना प्रमुख के रैंक को बढ़ाकर पहली बार एयर चीफ मार्शल किया गया, उन्हें नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था।

नई दिल्ली। देश के गौरव और भारतीय वायु सेना के एक मात्र फाइव स्टार मार्शल अर्जन सिंह का 98 साल की उम्र में शनिवार की शाम करीब 7:47 बजे निधन हो गया। अर्जन सिंह को दिल का दौरा पड़ने के बाद दिल्ली स्थित अर्मी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर शोक जताया है। My thoughts are with his family & those mourning the demise of a distinguished…