1. हिन्दी समाचार
  2. खबरें
  3. शहीद के परिवार को युवाओं ने तोहफे में दिया पक्का घर, इस तरह शहीद की पत्नी को घर में कराया प्रवेश

शहीद के परिवार को युवाओं ने तोहफे में दिया पक्का घर, इस तरह शहीद की पत्नी को घर में कराया प्रवेश

By शिव मौर्या 
Updated Date

Martyrs Wife Gets New House Courtesy Village Youths On Independence Day

इंदौर। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंदौर के बेटमा में युवाओं ने बड़ी मिशाल पेश की। युवाओं ने शहीद के परिवार को 27 वर्षों बाद पक्का घर बनवाकर तोहफे में दिया। घर तोहफे में देने के बाद युवाओं ने शहीद की पत्नी के पैर अपनी हथेलियों पर रखवाकर घर में प्रवेश कराया।

सीमा सुरक्षा बल के जवान मोहन सिंह सुनेर 27 साल पहले असम में शहीद हो गए थे। उनका परिवार अब तक झोंपड़ी में जीवन का गुजर—बसर कर रहा था। इसको देखते हुए गांव के कुछ युवाओं ने उन्हें पक्का मकान देने के लिए अभियान चलाया, जिसके बाद देखते ही देखते 11 लाख रुपये जमा हो गए।

गांव के ग्रामीणों ने इसको लेकर 10 लाख रुपये से शहीद के परिजनों के लिए एक पक्के मकान का निर्माण कराया। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शहीद की पत्नी को पक्के मकान में गृह प्रवेश करवाया। युवाओं का यह सराहनीय पहल पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। बता दें कि, सुमेर सिंह असम में पोस्टिंग के दौरान 31 दिसंबर 1992 को शहीद हो गए थे।

वन चेक-वन साइन’ नो से अभिया
शहीद के परिवार की हालत देखकर क्षेत्र के कुछ युवाओं ने ‘वन चेक-वन साइन’ नाम से अभियान शुरू किया। इसके बाद देखते ही देखते शहीद के परिजनों को पक्का मकान देने के लिए 11 लाख रुपये जुट गए, जिससे दस लाख रुपए में शहीद मोहन सिंह सुनेर का घर तैयार हो गया। बचे हुए एक लाख रुपये से मोहन सिंह की प्रतिमा को तैयार किया गया है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...