मक्का मस्जिद फैसला: सुब्रमण्यन स्वामी बोले-चिदंबरम पर दर्ज हो केस, कांग्रेस ने NIA पर उठाए सवाल

मक्का मस्जिद फैसला: सुब्रमण्यन स्वामी बोले-चिदंबरम पर दर्ज हो केस, कांग्रेस ने NIA पर उठाए सवाल
मक्का मस्जिद फैसला: सुब्रमण्यन स्वामी बोले-चिदंबरम पर दर्ज हो केस, कांग्रेस ने NIA पर उठाए सवाल

हैदराबाद। मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत से स्वामी असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों के बरी हो जाने पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इसको लेकर NIA पर हमला बोला है। ओवैसी ने NIA को बहरा और अंधा तोता करार देते हुए केस में राजनीति दखल का आरोप लगाया।दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी जांच एजेंसी पर सवाल उठाए।

Masjid Blast Case Decision Asaduddin Owaisi Take On Nia And Modi Govt Subramanian Swamy Says P Chidambaram :

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक अदालत ने 2007 में मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट मामले के सभी पांचों आरोपियों को सोमवार को बरी कर दिया। 18 मई 2007 को प्रतिष्ठित चारमीनार के पास स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान शक्तिशाली विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल हो गए थे। इस घटना के 11 साल बाद अदालत ने पाया है कि इन अभियुक्त में किसी के खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हुआ

अदालत ने असीमानंद, देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, भरतभाई और राजेंद्र चौधरी को बरी कर दिया गया है। इन पर एनआईए ने आरोप लगाया था।आरोपी में से एक के वकील ने नामपल्ली आपराधिक अदालत के बाहर कहा कि अदालत ने यह माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा है। पुलिस को घटनास्थल से दो विस्फोटक भी मिले थे। विस्फोट के बाद मस्जिद के बाहर भीड़ पर पुलिस की गोलीबारी से पांच अन्य लोग भी मारे गए थे।

हैदराबाद। मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत से स्वामी असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों के बरी हो जाने पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इसको लेकर NIA पर हमला बोला है। ओवैसी ने NIA को बहरा और अंधा तोता करार देते हुए केस में राजनीति दखल का आरोप लगाया।दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी जांच एजेंसी पर सवाल उठाए।राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक अदालत ने 2007 में मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट मामले के सभी पांचों आरोपियों को सोमवार को बरी कर दिया। 18 मई 2007 को प्रतिष्ठित चारमीनार के पास स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान शक्तिशाली विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल हो गए थे। इस घटना के 11 साल बाद अदालत ने पाया है कि इन अभियुक्त में किसी के खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हुआअदालत ने असीमानंद, देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, भरतभाई और राजेंद्र चौधरी को बरी कर दिया गया है। इन पर एनआईए ने आरोप लगाया था।आरोपी में से एक के वकील ने नामपल्ली आपराधिक अदालत के बाहर कहा कि अदालत ने यह माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा है। पुलिस को घटनास्थल से दो विस्फोटक भी मिले थे। विस्फोट के बाद मस्जिद के बाहर भीड़ पर पुलिस की गोलीबारी से पांच अन्य लोग भी मारे गए थे।