JNU हिंसा के नकाबपोशों का पर्दाफाश, छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत ये लोग थे शामिल

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JNU हिंसा के नकाबपोशों का पर्दाफाश, छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत ये लोग थे शामिल

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में बीते रविवार को कुछ नकाबपोश हमलावरों ने छात्रों पर हमला किया था। नकाबपोश हमलावरों की पहचान दिल्ली पुलिस ने कर ली है। दिल्ली के डीसीपी जॉय टिर्को और दिल्ली पुलिस के पीआरओ एम एस रंधावा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस हमले में जेएनयू के चारो यूनियन एसएफआई, एआईएसए, एआईएसएफ, डीएसएफ शामिल हैं। उन्होने पहचाने गये छात्रो के नाम उजागर किये जिनमें सुचेता, पंकज मिश्रा, आईसी घोष, योगेन्द्र भरद्वाज, प्रिया रंजन, चुनचुन कुमार, विकास पटेल, एम एस कोरेन, के नाम सामने आये हैं। उनका कहना है कि इन सभी छात्रो से जबाब मोंगे गये हैं।

Masked By Jnu Violence These People Including Student Union President Aashi Ghosh Were Attacked :

बताया गया कि आनलाईन रजिस्टेशन जेएनयू प्रशासन कर रहा था तो एक पोर्टल खोला गया, 300 रूपये फीस रखी गयी, यहां पर चार छात्रों के यूनियन हैं। ये सभी रजिस्ट्रेशन का विरोध कर रहे थे, लगातार अक्टूबर 2019 से इस ममाले प्रदर्शन चल रहा था। प्रशासन द्वारा छात्रों से बातचीत की गयी थी लेकिन ये यूनियन छात्रो को पढ़ने नही दे रहे थे। 3 जनवरी को एक बजे के लगभग चारों यूनियन के छात्रों ने कम्यूटर रूम जाकर सर्वर बन्द कर दिया और वहां मौजूद कर्मियो से भी धक्का मुक्की की। इस मामले मे जेएनयू प्रशासन ने पुलिस से शिकायत की थी। इसमे 8 छात्रों के नाम दिये गये थे।

4 तारीख को सुबह धक्का मुक्की हुई, लेकिन प्रशासन सख्त था। 4 तारीख को शाम के समय एक बार फिर कुछ लोग घुसते हैं और सर्वर को तोड़फोड़ देते हैं। इसको लेकर सब लोग काफी परेशान हो गये। एकबा​र जेएनयू प्रशासन द्वारा फिर पुलिस से शिकायत की गयी। 5 तारीख को दोपहर 12 बजे के लगभग 4 छात्र एक बेंच पर बैठे थे तो वहां एक ग्रुप आया और वह मारपीट करने लगे, गार्डो ने बीच बचाव किया तो उनको भी मारा। इसके बाद 5 को ही 4 बजे के लगभग चारो यूनियन के लोग पेरियार हास्टेल में घुसे और मारपीट करने लगे। वहां कुछ पुलिस वाले मोजूद थे, टीचर एसोशियेशन ने बीच बचाव किया और सभी घायल छात्रों को एम्स में भर्ती करवाया गया।

इसके बाद पीस मीटिंग हो रही थी और इसी बीच 5 तारीख की शाम कुछ नकाबपोश लोग आये, उनके हाथो में हथियार व डंडे थे, ये सब पेरियार ओर साबरमती हास्टेल में घुस गये और एक एक रूम में जाकर तोड़फोड़ की और छात्रों के साथ भी मारपीट भी की। इस मामले को मिलकार कुछ तीन मुकदमे लिखवाये गये हैं। पुलिस ने इन्ही तीनो मामलो की जांच की है। नकाबपोश जानते थे किस कमरे में कौन है। व्हाटसऐप ग्रुप में भी खूब चर्चा की गयी है। फिल्हाल पुलिस का कहना है कि अभी तक जो हुआ उसकी जानकारी दी जा रही है, आगे जो भी सामने आयेगा वो बताया जायेगा।

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में बीते रविवार को कुछ नकाबपोश हमलावरों ने छात्रों पर हमला किया था। नकाबपोश हमलावरों की पहचान दिल्ली पुलिस ने कर ली है। दिल्ली के डीसीपी जॉय टिर्को और दिल्ली पुलिस के पीआरओ एम एस रंधावा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस हमले में जेएनयू के चारो यूनियन एसएफआई, एआईएसए, एआईएसएफ, डीएसएफ शामिल हैं। उन्होने पहचाने गये छात्रो के नाम उजागर किये जिनमें सुचेता, पंकज मिश्रा, आईसी घोष, योगेन्द्र भरद्वाज, प्रिया रंजन, चुनचुन कुमार, विकास पटेल, एम एस कोरेन, के नाम सामने आये हैं। उनका कहना है कि इन सभी छात्रो से जबाब मोंगे गये हैं। बताया गया कि आनलाईन रजिस्टेशन जेएनयू प्रशासन कर रहा था तो एक पोर्टल खोला गया, 300 रूपये फीस रखी गयी, यहां पर चार छात्रों के यूनियन हैं। ये सभी रजिस्ट्रेशन का विरोध कर रहे थे, लगातार अक्टूबर 2019 से इस ममाले प्रदर्शन चल रहा था। प्रशासन द्वारा छात्रों से बातचीत की गयी थी लेकिन ये यूनियन छात्रो को पढ़ने नही दे रहे थे। 3 जनवरी को एक बजे के लगभग चारों यूनियन के छात्रों ने कम्यूटर रूम जाकर सर्वर बन्द कर दिया और वहां मौजूद कर्मियो से भी धक्का मुक्की की। इस मामले मे जेएनयू प्रशासन ने पुलिस से शिकायत की थी। इसमे 8 छात्रों के नाम दिये गये थे। 4 तारीख को सुबह धक्का मुक्की हुई, लेकिन प्रशासन सख्त था। 4 तारीख को शाम के समय एक बार फिर कुछ लोग घुसते हैं और सर्वर को तोड़फोड़ देते हैं। इसको लेकर सब लोग काफी परेशान हो गये। एकबा​र जेएनयू प्रशासन द्वारा फिर पुलिस से शिकायत की गयी। 5 तारीख को दोपहर 12 बजे के लगभग 4 छात्र एक बेंच पर बैठे थे तो वहां एक ग्रुप आया और वह मारपीट करने लगे, गार्डो ने बीच बचाव किया तो उनको भी मारा। इसके बाद 5 को ही 4 बजे के लगभग चारो यूनियन के लोग पेरियार हास्टेल में घुसे और मारपीट करने लगे। वहां कुछ पुलिस वाले मोजूद थे, टीचर एसोशियेशन ने बीच बचाव किया और सभी घायल छात्रों को एम्स में भर्ती करवाया गया। इसके बाद पीस मीटिंग हो रही थी और इसी बीच 5 तारीख की शाम कुछ नकाबपोश लोग आये, उनके हाथो में हथियार व डंडे थे, ये सब पेरियार ओर साबरमती हास्टेल में घुस गये और एक एक रूम में जाकर तोड़फोड़ की और छात्रों के साथ भी मारपीट भी की। इस मामले को मिलकार कुछ तीन मुकदमे लिखवाये गये हैं। पुलिस ने इन्ही तीनो मामलो की जांच की है। नकाबपोश जानते थे किस कमरे में कौन है। व्हाटसऐप ग्रुप में भी खूब चर्चा की गयी है। फिल्हाल पुलिस का कहना है कि अभी तक जो हुआ उसकी जानकारी दी जा रही है, आगे जो भी सामने आयेगा वो बताया जायेगा।