मौलाना फजलुर ने लगाया इमरान पर देश को बेंचने का आरोप, 48 घंटे में इस्तीफे की मांग

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मौलाना फजलुर ने लगाया इमरान पर देश को बेंचने का आरोप, 48 घंटे में इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। पाकिस्तान की इमरान सरकार के खिलाफ निकाला गया आजादी मार्च अब अपने चरम पर पंहुच गया है। शुक्रवार को इस्लामाबाद पंहुचे आजादी मार्च के दौरान विपक्षी नेता मौलाना फजलुर रहमान ने इमरान खान पर देश को बेचने का भी आरोप लगा दिया है। वहीं इमरान को इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। जिस तरह के पाकिस्तान के हालात हो गये हैं उससे यही लग रहा है कि जल्द ही इमरान सरकार गिर सकती है।

Maulana Fazlur Accuses Imran Of Selling The Country Demanding Resignation In 48 Hours :

इस आजादी मार्च से इमरान सरकार को पहले दिन से खतरा था इसलिए इमरान सरकार ने इसे रोकने का भरपूर प्रयास किया लेकिन सरकार मार्च निकलने से रोक नही पायी। यही नही अब सबसे बड़ी बात ये हो गयी कि इस आजादी मार्च में पूर्व पीएम नवाज शरीफ के भाई शहबाज और बिलावल भुटटो भी शामिल हो गये हैं।जब मौलाना फजलुर रहमान का आजादी मार्च इस्लामाबाद पहुंचा तो उन्होने करीब दो लाख जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने इमरान से ज्यादा बेगैरत प्रधानमंत्री अब तक नहीं देखा, उन्होंने कहा कि इमरान ने मुल्क को बेच दिया है।

बिलावल ने आजादी मार्च में शामिल होते ही इमरान पर हमला करते हुए कहा कि इमरान ने हर मुद्दे पर लोगों को धोखा दिया है, भारत ने कश्मीर में जो कुछ किया, उसपर इमरान सरकार कुछ नही कर पायी। “हम ऐसे प्रधानमंत्री को इज्जत नहीं दे सकते जो इलेक्टेड नहीं, सिलेक्टेड है। विपक्ष के नेताओं को जेल भेजकर वे डेमोक्रेसी के नाम पर तानाशाही चला रहे हैं। अवाम भुखमरी की कगार पर है।”

मौलाना रहमान ने कहा कि इमरान ने पाकिस्तान की आवाम को पूरी तरह से धोखा दिया है। कश्मीर के मुददे में तो वो सिर्फ झूठ बोलते रहे, उनसे कुछ न हो सका। यही नही मुस्लिम वर्ल्ड की बात करने वाले इमरान यूएन में 5 मुल्कों का समर्थन तक न हासिल कर सके। मौलाना ने फिल्हाल 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, इस दौरान अगर इमरान अपने पीएम पद से इस्तीफा नही देतें हैं तो आजादी मार्च में कुछ रणनीतियां बदली जा सकती हैं।

नई दिल्ली। पाकिस्तान की इमरान सरकार के खिलाफ निकाला गया आजादी मार्च अब अपने चरम पर पंहुच गया है। शुक्रवार को इस्लामाबाद पंहुचे आजादी मार्च के दौरान विपक्षी नेता मौलाना फजलुर रहमान ने इमरान खान पर देश को बेचने का भी आरोप लगा दिया है। वहीं इमरान को इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। जिस तरह के पाकिस्तान के हालात हो गये हैं उससे यही लग रहा है कि जल्द ही इमरान सरकार गिर सकती है। इस आजादी मार्च से इमरान सरकार को पहले दिन से खतरा था इसलिए इमरान सरकार ने इसे रोकने का भरपूर प्रयास किया लेकिन सरकार मार्च निकलने से रोक नही पायी। यही नही अब सबसे बड़ी बात ये हो गयी कि इस आजादी मार्च में पूर्व पीएम नवाज शरीफ के भाई शहबाज और बिलावल भुटटो भी शामिल हो गये हैं।जब मौलाना फजलुर रहमान का आजादी मार्च इस्लामाबाद पहुंचा तो उन्होने करीब दो लाख जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने इमरान से ज्यादा बेगैरत प्रधानमंत्री अब तक नहीं देखा, उन्होंने कहा कि इमरान ने मुल्क को बेच दिया है। बिलावल ने आजादी मार्च में शामिल होते ही इमरान पर हमला करते हुए कहा कि इमरान ने हर मुद्दे पर लोगों को धोखा दिया है, भारत ने कश्मीर में जो कुछ किया, उसपर इमरान सरकार कुछ नही कर पायी। “हम ऐसे प्रधानमंत्री को इज्जत नहीं दे सकते जो इलेक्टेड नहीं, सिलेक्टेड है। विपक्ष के नेताओं को जेल भेजकर वे डेमोक्रेसी के नाम पर तानाशाही चला रहे हैं। अवाम भुखमरी की कगार पर है।” मौलाना रहमान ने कहा कि इमरान ने पाकिस्तान की आवाम को पूरी तरह से धोखा दिया है। कश्मीर के मुददे में तो वो सिर्फ झूठ बोलते रहे, उनसे कुछ न हो सका। यही नही मुस्लिम वर्ल्ड की बात करने वाले इमरान यूएन में 5 मुल्कों का समर्थन तक न हासिल कर सके। मौलाना ने फिल्हाल 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, इस दौरान अगर इमरान अपने पीएम पद से इस्तीफा नही देतें हैं तो आजादी मार्च में कुछ रणनीतियां बदली जा सकती हैं।