मौलवी का दावा: अश्लीलता, नग्नता से नाराज अल्लाह ने भेजा कोरोना

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मौलवी का दावा: अश्लीलता, नग्नता से नाराज अल्लाह ने भेजा कोरोना

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रमुख मौलवी को यह लगता है कि कोरोना वायरस महामारी अल्लाह का श्राप है जो उन्होंने बढ़ती नग्नता और अश्लीलता से नाराज होकर दिया है। धार्मिक नेता मौलाना तारिक जमील ने 23 अप्रैल को कोविड-19 से लड़ने के लिए चंदा जुटाने के लिए आयोजित टेलीथॉन में प्रधानमंत्री इमरान खान की उपस्थिति में यह दावा किया, जिसकी अधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों ने निंदा की है। मौलाना जमील के पाकिस्तान में बड़ी संख्या में समर्थक हैं. उन्होंने कहा कि अश्लीलता और नग्नता की वजह से कोरोना वायरस के रूप में ईश्वर का कहर आया है।

Maulvi Claims Angry With Obscenity Nudity Allah Sent Corona :

मौलाना जमील की पाकिस्तान में काफी फैन फॉलोइंग है। उन्होंने कहा, ‘अश्लीलता और नग्नता कोरोना वायरस के रूप में अल्लाह का कोप है। कौन है जो हमारी बेटियों को डांस करा रहा है। उनके कपडे़े छोटे होते जा रहे हैं। जब समाज में अश्लीलता आम बात हो गई है तो अल्लाह क्रोधित हुए हैं।’ उनके इस बयान को महिलाओं के प्रति बेहद कठोर और अपमानित करने वाला करार दिया गया है। कानून व न्याय मामले पर संसदीय सचिव बैरिस्टर मलीखा बुखारी ने ट्वीट किया, ‘महामारी के प्रसार को किसी भी परिस्थिति में महिलाओं की नैतिकता और शील से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।’

मंत्री से लेकर कानूनविद सभी नाराज

मानवाधिकार मंत्री शीरीन मजारी ने कहा, ‘हम इस तरह के बेढंगे आरोपों की आड़ में महिलाओं को निशाना बनाने को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पाकिस्तान के संविधान के तहत अपने अधिकारों को पाने के लिए हमने कड़ी लड़ाई लड़ी है।’ उन्होंने कहा कि यह बेहद बेतुका है जिसमें कोविड19 महामारी की वजह महिलाओं के छोटे स्लीव्स के कपड़ों को ठहराया जा रहा है। यह महामारी के बारे में अज्ञानता या एक महिला विरोधी माइंडसेट दिखाता है जो कि अस्वीकार्य है।

आसमा जहांगीर लीगल ऐड सेल की निदेशक निदा ऐली ने कहा कि महिलाओं को लॉकडाउन के दौरान सुरक्षा की जरूरत है। सरकार द्वारा टेलिविजन प्रोग्राम में तारिक जमील को बुलाया गया जिसने न सिर्फ महिलाओं का वस्तु समझा बल्कि यह घोषणा भी कर दी कि उनके व्यक्तिगत ऐक्शन से अल्लाह ने नाराज होकर दंड दिया है। हम मौलाना के बयान की निंदा करते हैं जिन्होंने महिलाओं के शील को कोविड19 महामारी से जोड़ा है।

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रमुख मौलवी को यह लगता है कि कोरोना वायरस महामारी अल्लाह का श्राप है जो उन्होंने बढ़ती नग्नता और अश्लीलता से नाराज होकर दिया है। धार्मिक नेता मौलाना तारिक जमील ने 23 अप्रैल को कोविड-19 से लड़ने के लिए चंदा जुटाने के लिए आयोजित टेलीथॉन में प्रधानमंत्री इमरान खान की उपस्थिति में यह दावा किया, जिसकी अधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों ने निंदा की है। मौलाना जमील के पाकिस्तान में बड़ी संख्या में समर्थक हैं. उन्होंने कहा कि अश्लीलता और नग्नता की वजह से कोरोना वायरस के रूप में ईश्वर का कहर आया है। मौलाना जमील की पाकिस्तान में काफी फैन फॉलोइंग है। उन्होंने कहा, 'अश्लीलता और नग्नता कोरोना वायरस के रूप में अल्लाह का कोप है। कौन है जो हमारी बेटियों को डांस करा रहा है। उनके कपडे़े छोटे होते जा रहे हैं। जब समाज में अश्लीलता आम बात हो गई है तो अल्लाह क्रोधित हुए हैं।' उनके इस बयान को महिलाओं के प्रति बेहद कठोर और अपमानित करने वाला करार दिया गया है। कानून व न्याय मामले पर संसदीय सचिव बैरिस्टर मलीखा बुखारी ने ट्वीट किया, 'महामारी के प्रसार को किसी भी परिस्थिति में महिलाओं की नैतिकता और शील से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।' मंत्री से लेकर कानूनविद सभी नाराज मानवाधिकार मंत्री शीरीन मजारी ने कहा, 'हम इस तरह के बेढंगे आरोपों की आड़ में महिलाओं को निशाना बनाने को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पाकिस्तान के संविधान के तहत अपने अधिकारों को पाने के लिए हमने कड़ी लड़ाई लड़ी है।' उन्होंने कहा कि यह बेहद बेतुका है जिसमें कोविड19 महामारी की वजह महिलाओं के छोटे स्लीव्स के कपड़ों को ठहराया जा रहा है। यह महामारी के बारे में अज्ञानता या एक महिला विरोधी माइंडसेट दिखाता है जो कि अस्वीकार्य है। आसमा जहांगीर लीगल ऐड सेल की निदेशक निदा ऐली ने कहा कि महिलाओं को लॉकडाउन के दौरान सुरक्षा की जरूरत है। सरकार द्वारा टेलिविजन प्रोग्राम में तारिक जमील को बुलाया गया जिसने न सिर्फ महिलाओं का वस्तु समझा बल्कि यह घोषणा भी कर दी कि उनके व्यक्तिगत ऐक्शन से अल्लाह ने नाराज होकर दंड दिया है। हम मौलाना के बयान की निंदा करते हैं जिन्होंने महिलाओं के शील को कोविड19 महामारी से जोड़ा है।