Mauni Amavasya 2020: मौनी अमावस्या पर आस्था की डुबकी लगा रहे श्रद्धालु

Mauni Amavasya 2020: मौनी अमावस्या पर आस्था की डुबकी लगा रहे श्रद्धालु
Mauni Amavasya 2020: मौनी अमावस्या पर आस्था की डुबकी लगा रहे श्रद्धालु

लखनऊ। आज यानि मौनी अमावस्या को पूरे देशभर के श्रद्धालु पवित्र घाटों पर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। वहीं, मंदिरों में इसे लेकर विशेष पूजा का भी आयोजन हो रहा है। शास्त्रों की माने तो इस दिन दान करना सबसे पुण्य का काम माना जाता है। मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहा जाता है। आइए जानते हैं मौनी अमावस्या से जुड़ी कुछ खास बातें….

Mauni Amavasya 2020 Know Special Things Related :

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गंगा स्नान के बाद भगवान विष्णु और शिव की आराधना की जाती है, पूजा पाठ के साथ दान किया जाता है। दिनभर मौन व्रत रखा जाता है।

मौनी अमावस्या से जुड़ी खास बातें

  • मौनी अमावस्या के दिन जितना हो सके उतनी शांति बनाए रखें। विवाद से दूर रहें।
  • मौनी अमावस्या के दिन मौन रखना, गंगा स्नान और दान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन ओम नमो भगवते वासुदेवाय, ओम खखोल्काय नम:, ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • मौनी अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए कुत्ते, गाय, कौए को रोटी खिलानी चाहिए।
  • मौनी अमावस्या के दिन गंगा में डुबकी लगाने का महत्व होता है। वहीं अगर आप घर हैं तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
  • मौनी अमावस्या के दिन शराब व मांस-मछली का बिल्कुल सेवन नहीं करना चाहिए।
  • मौनी अमावस्या के दिन शनि की शांति के उपाय भी किए जाते हैं। इस दिन शनि देव की पूजा अर्चना करने से भी लाभ हासिल होता है।
  • मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने के बाद तिल, तिल के लड्डू, तिल का तेल, दर्पण, स्वूर्ण और दूध का दान करना सबसे ज्यादा पुण्य का काम माना गया है।
  • स्नान करने का अच्छा समय
  • मौनी अमावस्या के दिन गंगा में डुबकी 24 जनवरी को रात के आखिरी पहर से लेकर सूर्यास्त होने से पहले लगा सकते हैं।
  • अमावस्या तिथि का प्रारंभ 24 जनवरी 2020 को देर रात 2 बजकर 18 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 25 जनवरी 2020 को देर रात 3 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।
लखनऊ। आज यानि मौनी अमावस्या को पूरे देशभर के श्रद्धालु पवित्र घाटों पर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। वहीं, मंदिरों में इसे लेकर विशेष पूजा का भी आयोजन हो रहा है। शास्त्रों की माने तो इस दिन दान करना सबसे पुण्य का काम माना जाता है। मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहा जाता है। आइए जानते हैं मौनी अमावस्या से जुड़ी कुछ खास बातें.... धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गंगा स्नान के बाद भगवान विष्णु और शिव की आराधना की जाती है, पूजा पाठ के साथ दान किया जाता है। दिनभर मौन व्रत रखा जाता है। मौनी अमावस्या से जुड़ी खास बातें
  • मौनी अमावस्या के दिन जितना हो सके उतनी शांति बनाए रखें। विवाद से दूर रहें।
  • मौनी अमावस्या के दिन मौन रखना, गंगा स्नान और दान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन ओम नमो भगवते वासुदेवाय, ओम खखोल्काय नम:, ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • मौनी अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए कुत्ते, गाय, कौए को रोटी खिलानी चाहिए।
  • मौनी अमावस्या के दिन गंगा में डुबकी लगाने का महत्व होता है। वहीं अगर आप घर हैं तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
  • मौनी अमावस्या के दिन शराब व मांस-मछली का बिल्कुल सेवन नहीं करना चाहिए।
  • मौनी अमावस्या के दिन शनि की शांति के उपाय भी किए जाते हैं। इस दिन शनि देव की पूजा अर्चना करने से भी लाभ हासिल होता है।
  • मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने के बाद तिल, तिल के लड्डू, तिल का तेल, दर्पण, स्वूर्ण और दूध का दान करना सबसे ज्यादा पुण्य का काम माना गया है।
  • स्नान करने का अच्छा समय
  • मौनी अमावस्या के दिन गंगा में डुबकी 24 जनवरी को रात के आखिरी पहर से लेकर सूर्यास्त होने से पहले लगा सकते हैं।
  • अमावस्या तिथि का प्रारंभ 24 जनवरी 2020 को देर रात 2 बजकर 18 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 25 जनवरी 2020 को देर रात 3 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।