जिंदा नवजात को मृत बताने वाले मैक्स अस्पताल का लाइसेंस नहीं होगा रद्द

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Max Hospital Will Not Be Licensed For The Death Of Newborn Alive

नई दिल्ली। जिंदा नवजात को मृत घोषित करने के मामले में दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में स्थित मैक्स अस्पताल को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैज ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने पर रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की थी। लेकिन उपराज्यपाल ने फाइल लौटा दी। उपराज्यपाल के इस आदेश के बाद मैक्स अस्पताल ने अपना कार्य फिर से शुरू कर दिया है।

अस्पताल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, “हम अपने सभी मरीजों को गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लिए निशुल्क इलाज सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।” अस्पताल ने अपीलीय प्राधिकरण से लाइसेंस रद्द से रोक हटाने की अपील की थी।

AAP ने एलजी पर लगाया आरोप
आम आदमी पार्टी ने मैक्स अस्पताल के काम को दोबारा शुरू करने को लेकर उपराज्यपाल पर आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता दिलीप पांडे ने कहा, “बड़ा सवाल ये है कि ये ऑथोरिटीज़ खुद से निर्णय ले रही हैं या किसी के दबाव में निर्णय ले रही हैं? एलजी साहब को अब बताना पड़ेगा कि उनकी जवाबदेही जनता के प्रति है या इन लापरवाह अस्पतालों के प्रति है।”

क्या है पूरा मामला
दरअसल, शालीबार के मैक्स अस्पताल में जुड़वा दोनों बच्चे को मृत घोषत कर उसके परिवारवालों को सौंप दिया गया था। लेकिन, बाद में परिवारवालों ने एक बच्चा को जिंदा पाया। उसके बाद उस नवजात का पीतमपुरा के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। लेकिन, उस नवजात ने बुधवार को दम तोड़ दिया जिसके बाद पीड़ित पक्ष के परिवारवालों ने मैक्स अस्पताल के बाहर कार्रवाई को मांग को लेकर धरना पर बैठ गए।

नई दिल्ली। जिंदा नवजात को मृत घोषित करने के मामले में दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में स्थित मैक्स अस्पताल को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैज ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने पर रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की थी। लेकिन उपराज्यपाल ने फाइल लौटा दी। उपराज्यपाल के इस आदेश के बाद मैक्स अस्पताल ने अपना कार्य फिर से शुरू कर दिया है। अस्पताल की ओर से…