बीजेपी एंड कंपनी को निराधार आरोप लगाने के लिए धन्यवाद: मायावती

लखनऊ। बसपा सु्प्रीमो मायावती ने बसपा के खाते में 104 करोड़ रुपए जमा करवाए जाने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से आयकर कानून का सम्मान करती रही है, और ये रकम भी कानून के तहत ही खातों में जमा करवाई गई है। बीजेपी एंड कंपनी के प्रभाव वाले समाचार चैनलों और अखबारों ने जिस तरह के प्रायोजन के तहत उनकी पार्टी और भाई आनन्द पर आरोप लगाए हैं वे पूरी तरह निराधार हैं। बीजेपी पूर्व में भी ताज कॉरिडोर मामले में और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करवा चुकी है जिसका नतीजा 2007 के विधानसभा चुनावों में देखने को मिला था, यूपी की जनता ने पहली बार बसपा को पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाकर उन्हें जीवन का सबसे बेहतर तोहफा दिया था।




मायावती ने केन्द्र सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि बीजेपी हर बार लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले बसपा पर ऐसे आरोप लगाती आई है। जिसका खमियाजा उसे हर बार भुगतना पड़ता है। उन्हें भरोसा है कि इस बार जिस तरह के आरोप बीजेपी के प्रायोजन से उनकी पार्टी पर लगाए गए हैं उसका सीधा लाभ उन्हें 2017 में होने वाले आम विधानसभा चुनावों में मिलेगा। इससे उन्हें कम मेहनत करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक यूपी के 75 जिलों में मेहनत करनी पड़ती लेकिन अब वह मंडलस्तर तक ही प्रचार कर इस चुनाव में जीत हासिल कर लेंगी।

बसपा सुप्रीमो ने 104 करोड़ की रकम पार्टी के खातों में जमा करवाए जाने पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि बसपा एक राष्ट्रीय दल है। देश के अन्य प्रदेशों में भी बसपा की सदस्यता का कार्यक्रम लगातार चलता रहता है। जिसके लिए हर जगह नगद धनराशि जमा होती है। उस रकम को पार्टी कार्यालय में जमा करवाने के लिए उनके कार्यकर्ता बस, रेल और हवाई जहाज से लखनऊ आते हैं। ये नोटबंदी से पहले की बात है कि वे कार्यकर्ता उस रकम को अपनी सहूलियत के लिए बड़े नोटों में लेकर आए थे। यही रकम अगस्त के महीने से बसपा कर्यालय में रखी हुई थी। नोटबंदी आने से इसका कोई लेना देना नहीं था, लेकिन नोटबंदी के कारण पार्टी को यह रकम एक साथ खाते में डलवानी पड़ी।




इसके साथ अपने भाई आनन्द पर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए मायावती ने कहा कि उनका भाई सालों से अपना अलग कारोबार कर रहा है। ​उसने जो रकम खातों में जमा करवाई है उसे भी कानून के तहत ही जमा करवाया गया है। वह और उनका परिवार कानून का पूरा सम्मान करता है, वह स्वयं वकालत कर चुकीं हैं। वह कानून की अच्छी समझ रखतीं हैं। इसके साथ ही बीजेपी पर हमला करते हुए मायावती ने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने वाली बीजेपी को चाहिए कि वह अपनी पार्टी के खातों की जानकारी भी सार्वजनिक करें। उन्हें नोटबंदी से आठ महीने पहले से लेकर नोटबंदी के बाद तक की आपने खातों में हुए लेनदेन को सार्वजनिक करना चाहिए। बीजेपी को बताना चाहिए उसने इस दौरान कितनी जमीनें खरीदने में कालाधन खपाया है।




मायावती ने कहा कि केन्द्र में जब जब बीजेपी सत्ता में आती है तो उनकी पार्टी पर झूठे आरोप लगाए जाते हैं। 2002 से 2004 के बीच बीजेपी के केन्द्र की सत्ता में रहते ही ताज कॉरिडोर जैसा झूठा मामला बनाया गया और उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया था। उसीका नतीजा था कि 2007 में उनकी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई थी। बीजेपी को आरोप लगाने के लिए धन्यवाद देते हुए मायावती ने कहा कि उन्होंने जैसे ही समाचार चैनलों और अखबारों में ये खबर देखी वैसे ही उनका मन हुआ कि वह प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बीजेपी को धन्यवाद दें डालें, लेकिन ऐसा करना उन्हें अच्छा नहीं लगा। उन्होंने पूरी तरह से अपनी खुशी को जाहिर करने ​के लिए प्रेस को बुलाकर सीधे तौर पर धन्यवाद देना बेहतर समझा।