दलित की बेटी बंगले में रहे यह भाजपा को बर्दाश्त नहीं: मायावती

लखनऊ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा यहां रैली में बसपा प्रमुख मायावती को लेकर दिये गये बयान पर पलटवार करते हुए मायावती ने कहा है कि एक दलित की बेटी अच्छे बंगले में रहे यह जातिवादी मानसिकता रखने वाली भाजपा व इसके शीर्ष नेतृत्व को हज़म नहीं हो पा रहा है। मायावती यहां भाजपा की रैली पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से प्रदेश भर में लोगों को विधानसभा चुनाव में टिकट दिलवाने का आश्वासन देने के साथ-साथ साख बचाने को स्वयं भाजपा द्वारा अपने समर्थकों की भीड़ जुटाने के बावजूद बीएसपी के बागी स्वामी प्रसाद मौर्य का यहाँ आयोजित बहु-प्रचारित कार्यक्रम बुरी तरह से फ्लाप रहा अर्थात ‘‘खोदा पहाड़ और निकली चुहिया।’

उन्होंने कहा कि बीएसपी के बागि़यों के बहु-प्रचारित कार्यक्रमों की एक के बाद एक घोर विफलता इस बात को पुन: साबित करती है कि बीएसपी के मानवतावादी मूवमेन्ट से जब कोई बग़ावत करता है तो वह अकेला हो जाता है। मायावती ने कहा कि भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के खिलाफ बीएसपी सरकार ने तुरन्त सख़्त कार्रवाई की, मंत्रियों को बख़्रास्त किया व सीबीआई जाँच का आदेश दिया, जबकि भाजपा ने भ्रष्टाचारियों (ललित मोदी व विजय माल्या) को बचाने के लिये विदेश भागने का मौका दिया। मायावती ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य का आज का प्रोग्राम बुरी तरह से विफल रहा है, जैसा कि कुछ दिन पूर्व बागी जुगुल किशोर का दलित आयोजन रहा था।




बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा आमचुनाव के मद्देनजर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व वैसे ही तिकड़म व पैतरेबाजी कर रहा है, जैसाकि उसने पहले दिल्ली, बिहार और फिर उसके बाद प. बंगाल व दक्षिणी राज्यों में हुये विधानसभा आमचुनाव में की थी। लेकिन इन राज्यों में उसे मुँह की खानी पड़ी, क्योंकि भाजपा व आर.एस.एस. का स्वभाव अर्थात् चाल, चरित्र व चेहरा कहीं से भी जनहित व जनकल्याण से मेल नहीं खाता है। आरएसएस व भाजपा का स्वभाव कभी भी दलितों, पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यक हितैषी नहीं रहा है। भाजपा व आर.एस.एस. की नीतियाँ, गरीब, मजदूर, किसान विरोधी व धन्नासेठों की समर्थक हैं।