छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा झटका, हुई जोगी की ‘माया’

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा झटका, हुई जोगी की 'माया'
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा झटका, हुई जोगी की 'माया'

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को झटका लगा है। अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस (छत्तीसगढ़-जे) और मायावती की बीएसपी के बीच गठबंधन हुआ है और वे दोनों साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। जोगी और बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती के बीच गुरुवार को लखनऊ में हुई बैठक के बाद दोनों दलों में गठबंधन का एलान किया गया।

Mayawati Bsp Ties Up With Ajit Jogi For Chhattisgarh Elections :

दोनों दलों के बीच हुए समझौते के तहत 90 में से 35 सीटों पर BSP, लड़ेगी जबकि अजीत जोगी की पार्टी 55 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इससे पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि बसपा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकती है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद अपनी पार्टी का गठन किया था। मायावती ने कहा कि गठबंधन को लेकर उनकी राय स्पष्ट है कि उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ तभी गठबंधन करेगी, जब उसे समझौते के तहत सम्माजनक संख्या में सीटें मिलें। साथ ही उसकी सोच बसपा की ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की सोच से भी मेल खाती हो।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने इन दोनों बातों पर गंभीरता से गौर करने के बाद छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के साथ गठबंधन करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के लिए दोनों पार्टियां संगठित चुनाव अभियान चलाएंगी, जिसकी रूपरेखा जल्द ही तैयार कर ली जाएगी। कुछ ही दिनों में वहां दोनों पार्टियों की संयुक्त रैली होगी।

मायावती ने नए गठबंधन की घोषणा करते वक्त अजीत जोगी को गठबंधन का संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवार बताया। छत्तसीगढ़ में अब तक मुख्य मुकाबले में दो ही पार्टी रही है। जो जिसने भी जीत दर्ज की उसका अंतर काफी कम रहा है। लेकिन, मायावती के इस फैसले के बाद त्रिकोणीय बने छत्तीसगढ़ का चुनाव कांग्रेस के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

पिछली बार, विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच वोटों का अंतर महज 98 हजार से भी कम का रहा था। 2013 में बीएसपी ने राज्य की सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवा उतारे थे और उसे 4.4% वोट शेयर के साथ कुल 5,58,00 वोट मिले। राज्य में बीएसपी को सिर्फ एक सीट पर जीत मिल पाई थी।

लेकिन, ऐसी करीब 12 सीटें थी जहां पर बीएसपी उम्मीदवार को 10 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे। इनमें से पांच ऐसी सीट थी जहां पर उसे 20 फीसदी वोट मिले थे। जोगी की कोशिश है कि पूरे चुनाव को त्रिकोणीय मुकाबला बनाया जाए। पूर्व कांग्रेस नेता कांग्रेस ने निष्कासित होने के बाद अपने बेटे के साथ मिलकर साल 2016 में नई पार्टी बनाई है।

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को झटका लगा है। अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस (छत्तीसगढ़-जे) और मायावती की बीएसपी के बीच गठबंधन हुआ है और वे दोनों साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। जोगी और बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती के बीच गुरुवार को लखनऊ में हुई बैठक के बाद दोनों दलों में गठबंधन का एलान किया गया।दोनों दलों के बीच हुए समझौते के तहत 90 में से 35 सीटों पर BSP, लड़ेगी जबकि अजीत जोगी की पार्टी 55 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इससे पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि बसपा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकती है।बता दें कि छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद अपनी पार्टी का गठन किया था। मायावती ने कहा कि गठबंधन को लेकर उनकी राय स्पष्ट है कि उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ तभी गठबंधन करेगी, जब उसे समझौते के तहत सम्माजनक संख्या में सीटें मिलें। साथ ही उसकी सोच बसपा की 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की सोच से भी मेल खाती हो।उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने इन दोनों बातों पर गंभीरता से गौर करने के बाद छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के साथ गठबंधन करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के लिए दोनों पार्टियां संगठित चुनाव अभियान चलाएंगी, जिसकी रूपरेखा जल्द ही तैयार कर ली जाएगी। कुछ ही दिनों में वहां दोनों पार्टियों की संयुक्त रैली होगी।मायावती ने नए गठबंधन की घोषणा करते वक्त अजीत जोगी को गठबंधन का संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवार बताया। छत्तसीगढ़ में अब तक मुख्य मुकाबले में दो ही पार्टी रही है। जो जिसने भी जीत दर्ज की उसका अंतर काफी कम रहा है। लेकिन, मायावती के इस फैसले के बाद त्रिकोणीय बने छत्तीसगढ़ का चुनाव कांग्रेस के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।पिछली बार, विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच वोटों का अंतर महज 98 हजार से भी कम का रहा था। 2013 में बीएसपी ने राज्य की सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवा उतारे थे और उसे 4.4% वोट शेयर के साथ कुल 5,58,00 वोट मिले। राज्य में बीएसपी को सिर्फ एक सीट पर जीत मिल पाई थी।लेकिन, ऐसी करीब 12 सीटें थी जहां पर बीएसपी उम्मीदवार को 10 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे। इनमें से पांच ऐसी सीट थी जहां पर उसे 20 फीसदी वोट मिले थे। जोगी की कोशिश है कि पूरे चुनाव को त्रिकोणीय मुकाबला बनाया जाए। पूर्व कांग्रेस नेता कांग्रेस ने निष्कासित होने के बाद अपने बेटे के साथ मिलकर साल 2016 में नई पार्टी बनाई है।