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नोटबन्दी का दुष्प​रिणाम है बेरोजगारी व आर्थिक मंदी, अयोध्या फैसले का करें सम्मान-मायावती

Mayawati Demonetisation Results In Unemployment And Economic Downturn Respect Ayodhya Verdict

लखनऊ। नोटबन्दी हुए आज से तीन साल पूरे हो गयें लेकिन अभी भी नोटबन्दी को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर तंज कसता रहता है। नोटबन्दी के बाद कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए, लोकसभा चुनाव भी सम्पन्न हुआ जहां विपक्ष द्वारा हर बार नोटबन्दी को लेकर मोदी सरकार पर हमला किया गया। वहीं एकबार फिर बसपा सुप्रीमो मायावती ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आज देश में जो बेरोजगारी व आर्थिक मन्दी फैली है वो सिर्फ और सिर्फ नोटबन्दी का दुष्परिणाम है।

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मायावती ने आज नोटबन्दी के तीन साल पूरा होने पर केन्द्र सरकार पर प्रहार करते हुए टवीट किया, ‘केन्द्र सरकार द्वारा बिना पूरी तैयारी के जल्दबाजी व अपरिपक्व तरीके से किये गये नोटबन्दी का दुष्परिणाम पिछले 3 वर्षों में विभिन्न रूपों में जनता के सामने लगातार आ रहा है बल्कि देश में बड़ती बेरोजगारी व बिगडत़ी आर्थिक स्थिति इसी का मुख्य कारण है जिसपर जनता की पैनी नजर है।

मायावती ने नोटबन्दी से पहले अयोध्या मामले को लेकर भी टवीट करते हुए जनता से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की अपील की है। उन्होने कहा कि ‘अयोध्या प्रकरण के सम्बंध में मा सुप्रीम कोर्ट का फैसला आजकल में ही आने की संभावना है जिसको लेकर जनमानस में बेचैनी व विभिन्न आशंकायें स्वाभाविक हैं। ऐसे में समस्त देशवासियों से विशेष अपील है कि वे कोर्ट के फैसले का हर हाल में सम्मान करें यही देशहित व जनहित में सर्वोत्तम उपाय है’ साथ ही, सत्ताधारी पार्टी व केन्द्र एवं राज्य सरकारों की भी यह संवैधानिक व कानूनी जिम्मेदारी बनती है कि वे इस खास मौके पर लोगों के जानमाल व मज़हब के सुरक्षा की हर प्रकार की गारण्टी सुनिश्चित करें और सामान्य जनजीवन को प्रभावित न होने दें।

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