मायावती के सरकारी बंगले के बाहर लगा कांशीराम विश्राम स्थल का बोर्ड

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक ओर जहां राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा अपने बंगलों के खाली करने की तैयारी की खबरें आ रही हैं तो वहीं दूसरी ओर मायावती के सरकारी बंगले 13ए माल एवेन्यू से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। ऐसा लग रहा है कि मायावती अपने इस बंगले का मोह छोड़ नहीं पा रही हैं वहीं अब उन्होंने अपने सरकारी आवास के बाहर कांशीराम यादगार विश्राम स्थल का बोर्ड लगवा दिया है। इससे मामले में नया ट्विस्ट आ गया है। राज्य संपत्ति विभाग के नोटिस के बाद सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले इस महीने के आखिर तक खाली करने हैं।

Mayawati Got New Board Installed At Her Official Residence On The Name Of Kashiram :

..तो यह है माया का प्लान

कथित रूप से किराये बचाने के लिए दोनों (बंगला और कांशीराम विश्राम स्थल) को एकीकृत कर दिया गया। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंगले खाली करने की कवायद चल रही है, तो मायावती ने 13 ए, माल एवेन्यू के बाहर यह बोर्ड लगवा दिया है। माना जा रहा है कि यदि इस बंगले को कांशीराम विश्राम स्थल के नाम कर दिया जाता है तो मायावती को इसे खाली नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, उस स्थिति में उन्हें कांशीराम विश्राम स्थल का पूरा किराया चुकाना पड़ेगा। ये बंगला उन्हें साल 1995 से आवंटित है।

पीडब्ल्यूडी अपना कैंप कार्यालय बनाने की तैयारी में

जानकार मानते हैं कि बसपा ने 13 ए मॉल एवेन्यू को छोड़ने का फैसला तो जरूर किया है, लेकिन इस बंगले के सामने श्री कांशीराम जी यादगार विश्रामालय स्थल लिखवा कर इस बात की कोशिश जरूर की है कि सरकार इस सरकारी बंगले को ना छेड़े। इस तरह की खबरें आ रही थी कि पीडब्ल्यूडी अपना कैंप कार्यालय मायावती के सरकारी बंगले को बना सकता हैं।

दूसरा विकल्प भी है तैयार

हालांकि खबर यह भी है कि मायावती ने विकल्प के तौर पर अपना नया ठिकाना 9, माल एवेन्यू तैयार करा रही हैं। इसका रेनोवेशन भी शुरू हो चुका है। यह उनके वर्तमान आवास 13, माल एवेन्यू के सामने और पार्टी कार्यालय 12, माल एवेन्यू के पीछे स्थित है। पार्टी नेताओं का कहना है कि 9, माल एवेन्यू मायावती का निजी आवास है।

उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री अपना पिछला कार्यकाल खत्म होने से पहले इसे खरीदा था। हालांकि, उनके वर्तमान आवास से यह छोटा है। अपने पिछले कार्यकाल में मायावती ने लखनऊ के कैंट में भी एक मकान खरीदा था। उसमें गृह प्रवेश भी किया था, लेकिन बाद में बेच दिया था।

अगर मायावती अपने सरकारी आवास को खाली करना पड़ा तो वह यहीं शिफ्ट होंगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी आवास खाली करवाने का आदेश दिया है। इसके बाद राज्य के संपत्ति विभाग ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 दिन में सरकारी आवास खाली करने का नोटिस थमा दिया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक ओर जहां राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा अपने बंगलों के खाली करने की तैयारी की खबरें आ रही हैं तो वहीं दूसरी ओर मायावती के सरकारी बंगले 13ए माल एवेन्यू से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। ऐसा लग रहा है कि मायावती अपने इस बंगले का मोह छोड़ नहीं पा रही हैं वहीं अब उन्होंने अपने सरकारी आवास के बाहर कांशीराम यादगार विश्राम स्थल का बोर्ड लगवा दिया है। इससे मामले में नया ट्विस्ट आ गया है। राज्य संपत्ति विभाग के नोटिस के बाद सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले इस महीने के आखिर तक खाली करने हैं।

..तो यह है माया का प्लान

कथित रूप से किराये बचाने के लिए दोनों (बंगला और कांशीराम विश्राम स्थल) को एकीकृत कर दिया गया। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंगले खाली करने की कवायद चल रही है, तो मायावती ने 13 ए, माल एवेन्यू के बाहर यह बोर्ड लगवा दिया है। माना जा रहा है कि यदि इस बंगले को कांशीराम विश्राम स्थल के नाम कर दिया जाता है तो मायावती को इसे खाली नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, उस स्थिति में उन्हें कांशीराम विश्राम स्थल का पूरा किराया चुकाना पड़ेगा। ये बंगला उन्हें साल 1995 से आवंटित है।

पीडब्ल्यूडी अपना कैंप कार्यालय बनाने की तैयारी में

जानकार मानते हैं कि बसपा ने 13 ए मॉल एवेन्यू को छोड़ने का फैसला तो जरूर किया है, लेकिन इस बंगले के सामने श्री कांशीराम जी यादगार विश्रामालय स्थल लिखवा कर इस बात की कोशिश जरूर की है कि सरकार इस सरकारी बंगले को ना छेड़े। इस तरह की खबरें आ रही थी कि पीडब्ल्यूडी अपना कैंप कार्यालय मायावती के सरकारी बंगले को बना सकता हैं।

दूसरा विकल्प भी है तैयार

हालांकि खबर यह भी है कि मायावती ने विकल्प के तौर पर अपना नया ठिकाना 9, माल एवेन्यू तैयार करा रही हैं। इसका रेनोवेशन भी शुरू हो चुका है। यह उनके वर्तमान आवास 13, माल एवेन्यू के सामने और पार्टी कार्यालय 12, माल एवेन्यू के पीछे स्थित है। पार्टी नेताओं का कहना है कि 9, माल एवेन्यू मायावती का निजी आवास है। उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री अपना पिछला कार्यकाल खत्म होने से पहले इसे खरीदा था। हालांकि, उनके वर्तमान आवास से यह छोटा है। अपने पिछले कार्यकाल में मायावती ने लखनऊ के कैंट में भी एक मकान खरीदा था। उसमें गृह प्रवेश भी किया था, लेकिन बाद में बेच दिया था। अगर मायावती अपने सरकारी आवास को खाली करना पड़ा तो वह यहीं शिफ्ट होंगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी आवास खाली करवाने का आदेश दिया है। इसके बाद राज्य के संपत्ति विभाग ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 दिन में सरकारी आवास खाली करने का नोटिस थमा दिया।