प्रत्याशियों के पैसे वापस न करने पड़ें इसलिए मायावती ने लगाया EVM से छेड़छाड़ का आरोप!

लखनऊ| बसपा सुप्रीमो मायावती पर पैसे लेकर टिकट बांटने के आरोप लगते रहे हैं| यूपी चुनाव से पहले भी पूर्व बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने मायावती पर पैसे लेकर टिकट बांटने का आरोप लगाते हुए उन्हें वोटों का सौदागर बताया था| हालांकि इस बात के कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं कि मायावती ने पैसे लेकर टिकट बांटे हों लेकिन अब जो जानकारी सामने निकलकर आ रही है वह काफी चौंकाने वाली है| अंदरखाने से मिली ख़बरों के मुताबिक़, यूपी विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद बसपा प्रत्याशी मायावती से अपने पैसे वापस मांग रहे हैं| कहा जा रहा है कि मायावती ने इसीलिए अपनी हार का ठीकरा ईवीएम मशीन पर फोड़ दिया है जिससे उन्हें प्रत्याशियों के पैसे वापस न करने पड़ें|




बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद मायावती ने तुरंत प्रेस कांफ्रेंस आयोजित ईवीएम के साथ छेड़छाड़ कर चुनाव नतीजों को प्रभावित करने का सनसनीखेज आरोप लगाया था| मायावती का कहना था कि मुस्लिम बहुल इलाकों में भी ज्यादातर वोट बीजेपी को ही चले गए हैं| इससे इन आशंकाओं को बल मिलता है कि वोटिंग मशीनों को मैनेज किया गया है| मायावती ने कहा कि जिन इलाकों में मुस्लिम समाज का वोट 18 से 20 प्रतिशत है वहां भी उनका वोट बीजेपी को जाए, यह बात किसी के गले के नीचे नहीं उतर रही है|




मायावती ने कहा कि बीजेपी को बेईमानी से जीत मिली है। दूसरों राज्यों में भी ईवीएम में धांधली हुई| बीजेपी में दम है तो बैलट पेपर से दोबारा चुनाव कराए| उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएगी| मायावती ने कहा कि बीजेपी की उत्तर प्रदेश में जीत बेईमानी और धोखाधड़ी है| यह लोकतंत्र की हत्या है| गौरतलब है कि मायावती ने इस संबंध में चुनाव आयोग को भी शिकायत भेजी थी लेकिन आयोग ने इसे खारिज करते हुए साफ किया कि ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहीं है|