सपा को वोट न करें मुसलमान और धर्मनिर्पेक्ष लोग: मायावती

Mayawati Warns Muslim And Secular Not To Vote Sp

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को अपने लखनऊ स्थित आवास पर प्रेसवार्ता कर अपने विरोधी बीजेपी और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने सपा में चाचा शिवपाल और सीएम अखिलेश यादव के बीच जारी लड़ाई पर तंज कसते हुए कहा कि चुनावों में दोनों एक दूसरे को हराएंगे और फायदा बीजेपी उठाएगी। इसलिए उन्होंने यूपी के मुसलमानों और धर्मनिर्पेक्ष लोगों से सपा को अपना वोट न देने की अपील कर डाली।




बीजेपी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार पर हमलावर होते हुए प्रेसवार्ता को शुरू कर मायावती ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ढ़ाई सालों में ऐसा कोई काम नहीं किया जिसके आधार पर वह यूपी की जनता से वोट की उम्मीद करे। यही वजह है कि उसे परिवर्तन यात्रा करनी पड़ रही है। अगर काम किया होता तो किसी यात्रा जैसे चोचले की जरूरत नहीं पड़ती। बीजेपी की परिवर्तन यात्रा के साथ ही मायावती ने अखिलेश यादव की विकास यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि यही बात सपा सरकार पर भी लागू होती है। उन्होंने भी पांच सालों में कोई ऐसा काम नहीं किया जिसे जनता स्वीकार कर उन्हें दोबारा वोट दे सके।




उन्होंने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव द्वारा यूपी के चुनाव से पहले महागठबंधन को दोबारा खड़े किए जाने की कोशिशों को भी अखिलेश यादव सरकार की नाकामयाबी से जोड़ते हुए कहा कि सपा सरकार अगर कामयाब रही होती तो मुलायम सिंह यादव के भीतर महागठबंधन को लेकर वो छटपटाहट नहीं होती जो आज उनकी पार्टी के रजत जयंती समारोह के मंच पर अन्य दलों के नेताओं को बुलाए जाने से दिखाई दी। उन्होंने कहा कि 2012 में जो पार्टी अपने दम पर प्रचंड बहुमत हासिल कर सत्ता में आई उसे पांच साल बाद दूसरा का सहारा ढूंढ़ना पड़े यह असफलता की निशानी ही है।

महागठबंधन की संभावनाओं के बीच मायावती ने उन तमाम दलों के नेताओं को भी संदेश देने की कोशिश की जो रजत जयंती समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह वही सपा है जिसने बीजेपी की मिली भगत से बिहार चुनाव से ठीक पहले महागबंधन को तोड़ा था। आज वही सपा जब महागठबंधन की बात कर रही है तो एक भी ऐसी वजह नजर नहीं आती कि अन्य दल उसका साथ दें, क्योंकि वर्तमान सरकार के कामकाज के तरीके को देखते हुए सपा को धर्मनिर्पेक्ष कहना गलत होगा। सपा ने भी धार्मिक आधार पर ​तुष्टिकरण की राजनीति करने में कोई कमी नहीं रखी है।




इसके साथ ही मायावती ने पत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी और आरएसएस के कार्यकर्ता दलितों को धोखा देने के लिए उनके घर खाना खाने जा रहे हैं। आरएसएस के प्रचारक दलित होने का ढ़ोग करके गांव—गांव जाकर दलितों को अपने साथ जोड़ने की कोशिशें कर रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि दलित वोटर बीजेपी की इस चाल को समझ चुका है वह बीजेपी के साथ नहीं जाएगा।

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को अपने लखनऊ स्थित आवास पर प्रेसवार्ता कर अपने विरोधी बीजेपी और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने सपा में चाचा शिवपाल और सीएम अखिलेश यादव के बीच जारी लड़ाई पर तंज कसते हुए कहा कि चुनावों में दोनों एक दूसरे को हराएंगे और फायदा बीजेपी उठाएगी। इसलिए उन्होंने यूपी के मुसलमानों और धर्मनिर्पेक्ष लोगों से सपा को अपना वोट न देने की अपील कर डाली। बीजेपी…