यूपी: ‘गर्भपात के गोरखधंधे’ पर कसेगा शिकंजा!

अमेठी। देश भले ही 21वीं सदी में पहुंच गया हो और देश को एक उभरती हुई आर्थिक महाशक्ति के रूप में देखा जा रहा हो, लेकिन इस तस्वीर का दूसरा कड़वा सच ये भी है कि यहां पर आज भी लड़के और लड़की में भेदकर भ्रूण हत्या और गर्भपात किया जा रहा है। हालांकि सरकारें भ्रूण हत्या और गर्भपात को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने के साथ जिम्मेदारों को कड़ाई से पालन कराने के निर्देश भी देती हैं लेकिन में इसकी रोकथाम होने के बजाए धडल्ले से गर्भपात का गोरखधंधा जारी हैं।

अमेठी में बेखौफ चल रहा गर्भपात का गोरखधंधा-

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सूबे के जनपद अमेठी में भी स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते गर्भपात का यह अवैध खेल प्राइवेट नर्सिंग होम्स के साथ झोलाछापों क्लीनिक में बेखौफ चल रहा हैं सूत्रों की माने आशा बहु के पद पर तैनात कई महिलाये जमकर गर्भपात का गोरखधंधा खुलेआम बेखौफ चला रही है जिसके लिए वह गर्भपात कराने आने वाली महिलाओं और लड़कियों से मनचाही फीस भी वसूल रही हैं वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है।

पालको की अनदेखी से फैलती गन्दगी-

समाज से छिपकर अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को पाप समझकर उससे छुटकारा पाने के चक्कर में युवतियां भ्रूणहत्या और गर्भपात जैसे कृत्य को अंजाम देती हैं,और इस पाप में वे चिकित्सक या पैरामेडीकल स्टाफ बराबरी का भागीदार है जो यह करवाता है।

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अभियान चलाकर होगी कार्यवाही-

अमेठी के मुख्य चिकित्साधिकारी आर एम श्रीवास्तव ने भ्रूणहत्या और गर्भपात जैसे मामले पर जल्द ही सतत अभियान चलाकर इसमें लिप्त दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की बात कही।

रिपोर्ट-राम मिश्रा

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