अरबपति पिता की डॉक्टर बेटी बनी जैन साध्वी

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अरबपति पिता की डॉक्टर बेटी बनी जैन साध्वी

नई दिल्ली। एमबीबीएस टॉपर और अरबपति परिवार की बेटी हिना हिंगड ने सांसारिक जीवन त्याग दिया है। हिना कुमारी नाम की इस बेटी ने सांसारिक सुखों को त्याग कर जैन भिक्षु बनने का फैसला किया। मुंबई की रहने वाली हिना ने गुजरात में सूरत के आध्यात्मिक गुरु आचार्य विजय यशोवर्मा सुरेश्वरजी महाराज से दीक्षा ग्रहण की। जैन परंपरा से दीक्षा लेने के बाद हिना हिंगड़ की पहचान अब साध्वी श्री विशारदमाल हो गई। 28 साल की हिना एक अमीर परिवार से ताल्लुक रखती हैं।

Mbbs Doctor Hina Hingad Became A Jain Monk In Surat :

अहमदनगर विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट हिना पिछले तीन वर्षों से प्रैक्टिस कर रही थीं। वह अपने छात्र जीवन में ही आध्यात्मिकता की तरफ आकर्षित हो गई थीं। हिना के इस फैसले का परिवार वालों ने विरोध किया लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही और आखिरकार थम-हारकर उसके परिवार वालों ने बेटी की इच्छा मननी पड़ी। हिना का मानना है कि सांसारिक जीवन छोड़कर जैन भिक्षु बन जाना हर किसी के बस की बात नहीं है।

गौरतलब है कि इतनी कम उम्र और पढ़ी-लिखी भिक्षु बनने वाली हिना कोई पहली नहीं है। इससे पहले भी कइयों ने संसारिक जीवन त्याग कर संन्यास का रास्ता स्वीकारा है। हिना से पहले अप्रैल 2018 में एक हीरा कारोबारी के बेटे भव्य शाह ने भी महज 12 साल की उम्र में सन्यास ले लिया था। भव्य को परफ्यूम और महंगी कारों का शौक था जिसे आखिरी दिन उनके घर वालों और दोस्तों ने पूरा किया। उसे फरारी गाड़ी बैठाकर घुमाया गया और फिर भव्य ने आखिरी वक्त में घरवालों से जीभरकर बातें की और उनसे विदा ली थी।

नई दिल्ली। एमबीबीएस टॉपर और अरबपति परिवार की बेटी हिना हिंगड ने सांसारिक जीवन त्याग दिया है। हिना कुमारी नाम की इस बेटी ने सांसारिक सुखों को त्याग कर जैन भिक्षु बनने का फैसला किया। मुंबई की रहने वाली हिना ने गुजरात में सूरत के आध्यात्मिक गुरु आचार्य विजय यशोवर्मा सुरेश्वरजी महाराज से दीक्षा ग्रहण की। जैन परंपरा से दीक्षा लेने के बाद हिना हिंगड़ की पहचान अब साध्वी श्री विशारदमाल हो गई। 28 साल की हिना एक अमीर परिवार से ताल्लुक रखती हैं।अहमदनगर विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट हिना पिछले तीन वर्षों से प्रैक्टिस कर रही थीं। वह अपने छात्र जीवन में ही आध्यात्मिकता की तरफ आकर्षित हो गई थीं। हिना के इस फैसले का परिवार वालों ने विरोध किया लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही और आखिरकार थम-हारकर उसके परिवार वालों ने बेटी की इच्छा मननी पड़ी। हिना का मानना है कि सांसारिक जीवन छोड़कर जैन भिक्षु बन जाना हर किसी के बस की बात नहीं है।गौरतलब है कि इतनी कम उम्र और पढ़ी-लिखी भिक्षु बनने वाली हिना कोई पहली नहीं है। इससे पहले भी कइयों ने संसारिक जीवन त्याग कर संन्यास का रास्ता स्वीकारा है। हिना से पहले अप्रैल 2018 में एक हीरा कारोबारी के बेटे भव्य शाह ने भी महज 12 साल की उम्र में सन्यास ले लिया था। भव्य को परफ्यूम और महंगी कारों का शौक था जिसे आखिरी दिन उनके घर वालों और दोस्तों ने पूरा किया। उसे फरारी गाड़ी बैठाकर घुमाया गया और फिर भव्य ने आखिरी वक्त में घरवालों से जीभरकर बातें की और उनसे विदा ली थी।