मुख्य सचिव के आदेश को ठेंगे पर रखते हैं यूपी जल निगम के एमडी

एमडी यूपी जल निगम के हाथों फिर ठगे गए मुख्य सचिव राजीव कुमार ..?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश जल निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) राजेश मित्तल किसी की सुनने को तैयार नहीं हैं। फिर चाहें बात प्रदेश के शासन की कमान संभालने वाले मुख्य सचिव राजीव कुमार की ही क्यों न हो। मित्तल साहब को नहीं लगता कि उन्हें मुख्य सचिव के आदेश को गंभीरता से लेना चाहिए। शायद इसीलिए उन्होंने मुख्य सचिव के आदेश के बावजूद अपने अधीनस्थ अधिकारी को निलंबित करने से ज्यादा जरूरी छुट्टी पर जाना समझा।

दरअसल उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने रविवार को जल निगम की एक बैठक बुलाई थी। मुख्य सचिव के विशेष निर्देश थे कि इस बैठक में जल निगम के सभी चीफ इंजीनियरों का आना अनिवार्य है। हुआ भी कुछ वैसा ही पूरा यूपी जल निगम रविवार और मोहर्रम की छुट्टी के बावजूद तय समय पर मुख्य ​सचिव के कार्यालय पहुंच गया।

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यूपी जल निगम के एमडी इंजीनियर राजेश मित्तल

बैठक जैसे ही शुरू हुई तो इलाहाबाद के चीफ इंजीनियर राजेश कुमार को बैठक में उपस्थित न पाकर मुख्य सचिव ने एमडी साहब से उन्हें तत्काल निलंबित करने का निर्देश दे दिया। एमडी जल निगम ने भी मुख्य सचिव को उनके आदेश का पालन करने के लिए आश्वस्त कर दिया। बैठक खत्म होने के बाद एमडी साहब ने मुख्य सचिव के आदेश को ताक पर टांगा और दो दिन का अवकाश लेकर दिल्ली चले गए।

जल निगम की छवि को बेहतर बनाने की योजना बनाने के लिए बुलाई थी बैठक —

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पर्दाफाश के सूत्रों की माने तो उत्तर प्रदेश जल निगम की खराब होती छवि में गुणात्मक सुधार कैसे लाया जाए, इसकी योजना के लिए मुख्य सचिव ने बैठक बुलाई थी। मुख्य सचिव इस बैठक को लेकर बेहद गंभीर थे। उन्होने बैठक में विस्तृत चर्चा हो सके इसके लिए छुट्टी का दिन चुना था। लेकिन यूपी जल निगम के एमडी और उनके सहयोगी चीफ इंजीनियर को शायद विषय की गंभीरता समझ नहीं आई।

राजेश कुमार की उपस्थिति क्यों थी जरूरी —

2019 में होने वाले अर्धकुंभ की तैयारियों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गंभीर हैं। चूंकि अर्धकुंभ से जुड़ी तमाम तैयारियों की जिम्मेदारी जल निगम के हवाले ही है। मुख्य सचिव स्वयं कई बार राजेश कुमार से अर्धकुंभ की तैयारियों को लेकर चर्चा कर चुके हैं। इसीलिए उन्होंने बैठक में जब राजेश कुमार को याद किया तो वह नदारद मिले। जिसके बाद मुख्य सचिव का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया और उन्होंने राजेश कुमार को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दे दिया।

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