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छोटे शहरों और गांवों में चिकित्सा व्यवस्था ‘राम भरोसे’, इलाहाबाद हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना महामारी से हाहाकार मचा हुआ है। शहरी क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से सुधार हुआ है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना अब कहर बरपा रहा है। वहीं, मेरठ ​के जिला अस्प्ताल से एक मरीज के लातपा होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को तल्ख टिप्पणी की है।

By शिव मौर्या 
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना महामारी से हाहाकार मचा हुआ है। शहरी क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से सुधार हुआ है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना अब कहर बरपा रहा है। वहीं, मेरठ ​के जिला अस्प्ताल से एक मरीज के लातपा होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को तल्ख टिप्पणी की है।

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कोर्ट ने कहा कि कि, मेरठ जैसे शहर के मेडिकल कॉलेज में इलाज का यह हाल है तो छोटे शहरों और गांवों के संबंध में राज्य की संपूर्ण चिकित्सा व्यवस्था राम भरोसे ही कही जा सकती है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने राज्य में कोरोना वायरस के प्रसार को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है।

कोर्ट ने मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोविड मरीज संतोष कुमार के लापता होने में डाक्टरों और मेडिकल स्टॉफ की लापरवाही को गंभीर मानते हुए अपर मुख्य सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य को जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को चार माह में प्रदेश के अस्पतालों में चिकित्सकीय ढांचा सुधारने और पांच मेडिकल कॉलेजों को एसजीपीजीआई स्तर का संस्थान बनाने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है।

 

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