मक्का मस्जिद ब्लास्ट: असीमानंद समेत पांचों आरोपी सबूतों के अभाव में बरी

mecca blast case
असीमानंद

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक अदालत ने 2007 में मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट मामले में आरोपी स्वामी असीमानंद समेत पांचों आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। बता दें कि इस विस्फोट में नौ लोगों की मौत हुई थी और 58 लोग घायल हुए थे। स्वामी असीमानंद इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक थे।

Meeca Masjid Blast Case Verdict Accused Aseemanand Have Been Acquitted :

बरी किए गए पांच आरोपियों के नाम देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, स्वामी असीमानंद उर्फ नबा कुमार सरकार, भारत मोहनलाल रत्नेश्वर उर्फ भारत भाई और राजेंद्र चौधरी हैं। इन सभी को मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया गया था और उन पर ट्रायल चला था। इस मामले में अब तक कुल 226 चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए थे और कोर्ट के सामने 411 दस्तावेज पेश किए गए।

एनआईए को इस केस की जांच में काफी मुश्कलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि 64 गवाह कोर्ट के सामने मुकर गए, जिनमें लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित और झारखंड के मंत्री रणधीर कुमार सिंह भी शामिल हैं।

बता दें कि स्वामी असीमानंद ने साल 2011 में मजिस्ट्रेट को दिए इकबालिया बयान में स्वीकार किया था कि अजमेर दरगाह, हैदराबाद की मक्का मस्जिद और कई अन्य जगहों पर हुए बम ब्लास्ट में उनका और कई अन्य हिंदू चरमपंथी संगठनों का हाथ है। हालांकि बाद में असीमानंद अपने बयान से पलट गए और कहा कि उन्होंने पिछला बयान एनआईए के दबाव में दिया था।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक अदालत ने 2007 में मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट मामले में आरोपी स्वामी असीमानंद समेत पांचों आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। बता दें कि इस विस्फोट में नौ लोगों की मौत हुई थी और 58 लोग घायल हुए थे। स्वामी असीमानंद इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक थे।बरी किए गए पांच आरोपियों के नाम देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, स्वामी असीमानंद उर्फ नबा कुमार सरकार, भारत मोहनलाल रत्नेश्वर उर्फ भारत भाई और राजेंद्र चौधरी हैं। इन सभी को मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया गया था और उन पर ट्रायल चला था। इस मामले में अब तक कुल 226 चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए थे और कोर्ट के सामने 411 दस्तावेज पेश किए गए।एनआईए को इस केस की जांच में काफी मुश्कलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि 64 गवाह कोर्ट के सामने मुकर गए, जिनमें लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित और झारखंड के मंत्री रणधीर कुमार सिंह भी शामिल हैं।बता दें कि स्वामी असीमानंद ने साल 2011 में मजिस्ट्रेट को दिए इकबालिया बयान में स्वीकार किया था कि अजमेर दरगाह, हैदराबाद की मक्का मस्जिद और कई अन्य जगहों पर हुए बम ब्लास्ट में उनका और कई अन्य हिंदू चरमपंथी संगठनों का हाथ है। हालांकि बाद में असीमानंद अपने बयान से पलट गए और कहा कि उन्होंने पिछला बयान एनआईए के दबाव में दिया था।