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स्मारक घोटाला: आरोपियों को एमपीएमएलए कोर्ट ने किया तलब, राजकीय निर्माण निगम के तत्कालीन अफसरों पर भी कसेगा शिकंजा

स्मारक घोटाला: बहुजन समाज पार्टी (BSP)  की सरकार में लखनऊ (Lucknow) और नोएडा (Noida) में बने स्मारक व पार्को के निर्माण में 1400 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। इस मामले में फंसे तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। हालांकि, इस मामले में फंसे कई तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारी रिटायर हो गए हैं।

By शिव मौर्या 
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स्मारक घोटाला: बहुजन समाज पार्टी (BSP)  की सरकार में लखनऊ (Lucknow) और नोएडा (Noida) में बने स्मारक व पार्को के निर्माण में 1400 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। इस मामले में फंसे तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। हालांकि, इस मामले में फंसे कई तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारी रिटायर हो गए हैं।

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वहीं, स्मारक घोटाले (memorial scam) के मामले में सतर्कता अधिष्ठान की ओर से दाखिल चार्जशीट पर एमपीएमएलए कोर्ट (MPMLA Court) ने बुधवार को संज्ञान लिया है। इस मामले में न्यायाधीश पवन कुमार रॉय ने आरोपियों को तलब किया है। साथ ही सुनवाई के लिए दो नंवबर की तारीख तय की है। सतर्कता अधिष्ठान की ओर से दाखिल चार्जशीट में उप्र राजकीय निर्माण निगम के 25 तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा 32 अन्य आरोपी बनाए गए हैं।

गौरतलब है कि स्मारक घोटाला (memorial scam) उजागर होने के बाद एक जनवरी 2014 को शासन के आदेश पर गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज किया गया था। तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत 18 लोगों के खिलाफ विवेचना की गई। पता चला कि आरोपियों ने नियम विरुद्ध कंसोर्टियम प्रमुख बनाकर खनन कराया और धन प्राप्त किया गया।

लोकायुक्त की जांच में 199 लोगों को दोषी करार दिया गया
लोकायुक्त ने स्मारक व पार्कों के निर्माण में हुए घोटाले की जांच में 199 लोगों को दोषी करार दिया था। साथ ही 20 मई 2013 को शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इस घोटाले में अभी तक 23 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया गया है।

ये हैं आरोपी सरकारी कर्मचारी: स्मारक घोटाले में कई सरकारी कर्मी भी शामिल हैं। इसमें प्रमोद कुमार जैन, अहमद अब्बास रिजवी, सुनील कुमार गौतम, पुरुषोत्तम कुमार शर्मा, शिव कुमार वर्मा, शमीम अहमद, सुधीर कुमार अग्रवाल, सुखलाल यादव, रामबोध मौर्य, शिवपाल सिंह, सुरेंद्र कुमार चौबे, कांशीराम सिंह, राजीव शर्मा, सत्यप्रकाश गुप्ता, मुरली मनोहर सक्सेना, भूपेंद्र दत्त त्रिपाठी, अखिलेश कुमार सक्सेना, अरुण कुमार गौतम, सुधीर कुमार शुक्ला, राजीव कुमार सिंह, राजेश चौधरी, विनोद कुमार सिंह, हीरालाल, राजेश चंद्रा और मुकेश कुमार शामिल हैं।

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घोटाले के अन्य आरोपी: राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, जितेंद्र मिश्रा, ज्ञानेंद्र कुमार अग्रहरि, अशोक कुमार सिंह, संतोष कुमार पांडेय, मुन्नी देवी, नंद किशोर, राम आसरे, मंगला प्रसाद, हामिद, रामलखन सिंह, राजेश कुमार सिंह, राम परेश, विनोद कुमार श्रीवास्तव, बच्चू लाल, निशा देवी, बचाऊ सिंह, अशोक कुमार श्रीवास्तव, अखिलेश कुमार सिंह, श्याम नारायण, राजेश कुमार जायसवाल, अब्दुल फराह चौधरी, राजकुमार सिंह, सत्यवीर चिकारा, अंकुर अग्रवाल, दिलीप मौर्य, अंजना, पीयूष और राजकुमार, उपेंद्र सिंह, राघवेंद्र नारायण और सिद्धार्थ।

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