80 मीटर लंबी सुरंग से घुसे थे आतंकी

नई दिल्ली: बीएसएफ प्रमुख ने बुधवार को कहा कि जम्मू के सांबा में मारे गए तीन आतंकवादी खेतों में बनी 80 मीटर लंबी सुरंग से होकर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की होगी।सीमा सुरक्षा बल के 51वें स्थापना दिवस पर बल के प्रमुख केके शर्मा ने मीडिया से कहा कि आतंकी ठिकानों पर सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अर्धसैनिक बल के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से आतंकवादियों के घुसपैठ की कोशिश की संभावना के बारे में पुख्ता सूचना थी। इसलिए यह भारी मात्रा में हथियारों से लैस आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें काबू करने में सक्षम रहा।




उन्होंने बताया कि चमलीयाल सीमा चौकी पर ऑपरेशन के पूरा होने के बाद हमने बाड़ की जांच की और कोई उल्लंघन नहीं हुआ। फिर बुधवार सुबह हमने 2 गुना 2 मीटर आकार की एक छोटी सुरंग का पता लगाया। हमने बाड़ पर गहराई में नाका रखा है और इसलिए हम तीन आतंकवादियों का पता लगा सके और काबू कर सके। सुरंग एक खेत में पाई गई जहां खेती की जाती है और मिट्टी मुलायम है।उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 75 से 80 मीटर दूर है और बाड़ से करीब 35 से 40 मीटर की दूरी पर है।’ डीजी ने कहा कि सीमा की प्रहरी करने वाला बल अपने समकक्ष पाकिस्तान रेंजर्स के समक्ष यह विषय उठाएगा, लेकिन उन्होंने कहा कि शत्रुता बढ़ने के चलते कुछ समय से दूसरे पक्ष से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

बीएसएफ अधिकारियों ने कहा कि यह कहने के लिए प्रचुर साक्ष्य और संकेत है कि आतंकवादी सीमा के इस ओर पहुंचने के लिए सुरंग से होकर गुजरे। शर्मा ने कहा कि सेना के एक शिविर पर मंगलवार को हुआ नगरोटा हमला अलग है और यह जांच का विषय है कि इसका सांबा आतंकी घटना से कोई संबंध है या नहीं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से नियंतण्ररेखा पर ‘‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद दोनों देशों के बीच शत्रुता बढ़ने के चलते बीएसएफ ने 15 पाकिस्तानी रेंजरों और 10 आतंकवादियों को मार गिराया जबकि उसे अपने पांच जवानों की जान गंवानी पड़ी। बीएसएफ प्रमुख ने बताया कि पिछले 15 दिनों से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कोई गोलाबारी नहीं हुई है।




‘‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद हमें पता चला कि घुसपैठ की कोशिशें और हमले अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बढ़ेंगे और इसलिए संकट को लेकर हमने ऐसी कोशिशों के खिलाफ तैयारी की। शर्मा ने बताया कि बीएसएफ के पास इस बारे में पुख्ता सूचना थी कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के इलाके के आसपास से घुसपैठ की कोशिश हो सकती है और इसलिए हम तीन आतंकियों को प्रभावी रूप से काबू करने की स्थिति में थे। डीजी ने बताया कि तीनों आतंकियों के पास भारी मात्रा में हथियार, जैसे कि एके 47, 20 मैगजीन, 517 गोलियां, आठ एमएम का एक पिस्तौल, 20 ग्रनेड ओर एक जीपीएस सेट के अलावा अन्य चीजें थी।