पूर्व CBI चीफ को मोदी सरकार ने जारी किया ये फरमान

alok varma
रिटायरमेंट के एक दिन पहले पूर्व CBI चीफ को मोदी सरकार का फरमान- जॉइन करो ऑफिस

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने पूर्व सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा की अपील को खारिज करते हुए उन्हें आखिरी दिन यानी एक दिन के लिए ऑफिस ज्वाइन करने को कहा है। गृह मंत्रालय ने वर्मा के सरकार की सेवा से मुक्त होने के अनुरोध को नामंजूर कर दिया है और वहीं सरकार ने भी आलोक वर्मा का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। इतना ही नहीं गृह मंत्रालय ने आलोक वर्मा को एक लेटर भेजकर कहा कि वह रिटायरमेंट के आखिरी दिन ऑफिस आएं।

Mha Rejects Request Of Former Cbi Director Alok Verma For Being Relieved From Govt Service :

गौरतलब है कि 23 अक्टूबर 2018 आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेज दिया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति ने 2:1 के बहुमत से 10 जनवरी को आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया गया था। हलांकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बहाल करते हुए फायर सर्विसेज सिविल डिफेंस एंड होम गार्ड्स के महानिदेशक के पद पर नई जिम्मेदरी संभालने को कहा। इसके बाद आलोक वर्मा ने अपना इस्तीफा दे दिया लेकिन सरकार ने उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया है।

गृह मंत्रालय ने वर्मा को बुधवार को दिए लेटर में कहा है कि आपको सिविल डिफेंस एंड होम गार्ड, फायर सर्विसेज के महानिदेशक के पद पर ज्वाइन करने के लिए निर्देषित किया जाता है। इसका मतलब ये हुआ कि वर्मा को एक दिन के लिए उन्हें दफ्तर आना ही पड़ेगा। बशर्ते उन्होंने वीआरएस न लिया हो और छुट्टी के लिए आवेदन न किया हो। क्योंकि यही दिन उनके कार्यकाल का आखिरी दिन है। उन्हें दफ्तर आना ही पड़ेगा। बशर्ते उन्होंने वीआरएस न लिया हो और छुट्टी के लिए आवेदन न किया हो।

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने पूर्व सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा की अपील को खारिज करते हुए उन्हें आखिरी दिन यानी एक दिन के लिए ऑफिस ज्वाइन करने को कहा है। गृह मंत्रालय ने वर्मा के सरकार की सेवा से मुक्त होने के अनुरोध को नामंजूर कर दिया है और वहीं सरकार ने भी आलोक वर्मा का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। इतना ही नहीं गृह मंत्रालय ने आलोक वर्मा को एक लेटर भेजकर कहा कि वह रिटायरमेंट के आखिरी दिन ऑफिस आएं। गौरतलब है कि 23 अक्टूबर 2018 आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेज दिया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति ने 2:1 के बहुमत से 10 जनवरी को आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया गया था। हलांकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बहाल करते हुए फायर सर्विसेज सिविल डिफेंस एंड होम गार्ड्स के महानिदेशक के पद पर नई जिम्मेदरी संभालने को कहा। इसके बाद आलोक वर्मा ने अपना इस्तीफा दे दिया लेकिन सरकार ने उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया है। गृह मंत्रालय ने वर्मा को बुधवार को दिए लेटर में कहा है कि आपको सिविल डिफेंस एंड होम गार्ड, फायर सर्विसेज के महानिदेशक के पद पर ज्वाइन करने के लिए निर्देषित किया जाता है। इसका मतलब ये हुआ कि वर्मा को एक दिन के लिए उन्हें दफ्तर आना ही पड़ेगा। बशर्ते उन्होंने वीआरएस न लिया हो और छुट्टी के लिए आवेदन न किया हो। क्योंकि यही दिन उनके कार्यकाल का आखिरी दिन है। उन्हें दफ्तर आना ही पड़ेगा। बशर्ते उन्होंने वीआरएस न लिया हो और छुट्टी के लिए आवेदन न किया हो।