जियो प्लेटफॉर्म्स में अब माइक्रोसॉफ्ट खरीदेगी 2.5% से ज्यादा हिस्सेदारी

mukesh
जियो प्लेटफॉर्म्स में अब माइक्रोसॉफ्ट खरीदेगी 2.5% से ज्यादा हिस्सेदारी

अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के स्वामित्व वाली जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में 2.5 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकती है। इससे पहले जियो प्लेटफॉर्म्स में एक ही महीने में पांच बड़ी कंपनियों ने निवेश किया। सूत्रों के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट जियो प्लेटफॉर्म्स में दो बिलियन डॉलर यानी करीब 15 हजार करोड़ रुपये निवेश कर सकती है।

Microsoft Will Now Buy More Than 2 5 Stake In Jio Platforms :

निवेश के लिए माइक्रोसॉफ्ट रिलायंस के साथ बातचीत कर रही। मामले से वाकिफ दो सूत्रों के हवाले से लाइव मिंट की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। माइक्रोसॉफ्ट अपने डिजिटल पेमेंट्स सेवा को लेकर कई इंडस्ट्री प्लेयर्स से बातचीत कर रही है। माइक्रोसॉफ्ट पहले से ही जियो प्लेटफॉर्म्स के साथ जुड़ी है और वह अपनी इस भागीदारी को और मजबूत करना चाहती है।

हालांकि इस बात की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है कि माइक्रोसॉफ्ट जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश करेगी। निवेश को लेकर माइक्रोसॉफ्ट और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। फरवरी 2020 में माइक्रोसॉफ्ट के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सत्या नडेला ने रिलायंस जियो से साथ पार्टनरशिप की घोषणा की थी। इस पार्टनरशिप के तहत रिलायंस जियो पूरे देश में डाटा सेंटर स्थापित करेगी।

मालूम हो कि जियो प्लेटफॉर्म्स को अब तक 78562 करोड़ रुपये का निवेश मिला है। आइए जानते हैं इसमें किसका कितना निवेश और हिस्सेदारी शामिल है।

कंपनी निवेश हिस्सेदारी

फेसबुक 43,574 करोड़ रुपये 9.99 फीसदी
सिल्वर लेक 5,656 करोड़ रुपये 1.15 फीसदी
विस्टा इक्विटी 11,367 करोड़ रुपये 2.32 फीसदी
जनरल अटलांटिक 6,598 करोड़ रुपये 1.34 फीसदी
केकेआर 11,367 करोड़ रुपये 2.32 फीसदी
कुल हिस्सेदारी 78,562 करोड़ रुपये 17.12 फीसदी

कर्ज मुक्त कंपनी बनाने का लक्ष्य

रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अगस्त 2019 में आरआईएल को मार्च 2021 तक नेट आधार पर कर्ज मुक्त कंपनी बनाने का लक्ष्य तय किया था। कंपनियों को हिस्सेदारी बेचे जाने से कर्ज मुक्ति का लक्ष्य इस साल दिसंबर में ही पूरा हो जाने की उम्मीद है।

विदेशी शेयर बाजार में लिस्ट कराने की तैयारी

निवेश के लिहाज से आरआईएल का जियो प्लेटफॉर्म्स अमेरिकी कंपनियों की पहली पसंद बना हुआ है। अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने जियो प्लेटफॉर्म्स को विदेशी शेयर बाजार में लिस्ट कराने की तैयारियां कर रही है। खबरों के मुताबिक कंपनी के प्रमुख मुकेश अंबानी कंपनी के तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए इसे जल्दी ही वैश्विक स्तर पर उतारने के प्रयास में हैं। अंबानी ने पिछले अगस्त में कहा था कि वह अगले पांच वर्षों में आरआईएल के उपभोक्ता व्यवसायों रिलायंस जियो और खुदरा शाखा रिलायंस रिटेल को सूचीबद्ध करना चाहते हैं।

अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के स्वामित्व वाली जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में 2.5 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकती है। इससे पहले जियो प्लेटफॉर्म्स में एक ही महीने में पांच बड़ी कंपनियों ने निवेश किया। सूत्रों के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट जियो प्लेटफॉर्म्स में दो बिलियन डॉलर यानी करीब 15 हजार करोड़ रुपये निवेश कर सकती है। निवेश के लिए माइक्रोसॉफ्ट रिलायंस के साथ बातचीत कर रही। मामले से वाकिफ दो सूत्रों के हवाले से लाइव मिंट की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। माइक्रोसॉफ्ट अपने डिजिटल पेमेंट्स सेवा को लेकर कई इंडस्ट्री प्लेयर्स से बातचीत कर रही है। माइक्रोसॉफ्ट पहले से ही जियो प्लेटफॉर्म्स के साथ जुड़ी है और वह अपनी इस भागीदारी को और मजबूत करना चाहती है। हालांकि इस बात की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है कि माइक्रोसॉफ्ट जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश करेगी। निवेश को लेकर माइक्रोसॉफ्ट और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। फरवरी 2020 में माइक्रोसॉफ्ट के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सत्या नडेला ने रिलायंस जियो से साथ पार्टनरशिप की घोषणा की थी। इस पार्टनरशिप के तहत रिलायंस जियो पूरे देश में डाटा सेंटर स्थापित करेगी। मालूम हो कि जियो प्लेटफॉर्म्स को अब तक 78562 करोड़ रुपये का निवेश मिला है। आइए जानते हैं इसमें किसका कितना निवेश और हिस्सेदारी शामिल है।

कंपनी निवेश हिस्सेदारी फेसबुक 43,574 करोड़ रुपये 9.99 फीसदी सिल्वर लेक 5,656 करोड़ रुपये 1.15 फीसदी विस्टा इक्विटी 11,367 करोड़ रुपये 2.32 फीसदी जनरल अटलांटिक 6,598 करोड़ रुपये 1.34 फीसदी केकेआर 11,367 करोड़ रुपये 2.32 फीसदी कुल हिस्सेदारी 78,562 करोड़ रुपये 17.12 फीसदी

कर्ज मुक्त कंपनी बनाने का लक्ष्य रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अगस्त 2019 में आरआईएल को मार्च 2021 तक नेट आधार पर कर्ज मुक्त कंपनी बनाने का लक्ष्य तय किया था। कंपनियों को हिस्सेदारी बेचे जाने से कर्ज मुक्ति का लक्ष्य इस साल दिसंबर में ही पूरा हो जाने की उम्मीद है। विदेशी शेयर बाजार में लिस्ट कराने की तैयारी निवेश के लिहाज से आरआईएल का जियो प्लेटफॉर्म्स अमेरिकी कंपनियों की पहली पसंद बना हुआ है। अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने जियो प्लेटफॉर्म्स को विदेशी शेयर बाजार में लिस्ट कराने की तैयारियां कर रही है। खबरों के मुताबिक कंपनी के प्रमुख मुकेश अंबानी कंपनी के तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए इसे जल्दी ही वैश्विक स्तर पर उतारने के प्रयास में हैं। अंबानी ने पिछले अगस्त में कहा था कि वह अगले पांच वर्षों में आरआईएल के उपभोक्ता व्यवसायों रिलायंस जियो और खुदरा शाखा रिलायंस रिटेल को सूचीबद्ध करना चाहते हैं।