मिड डे मील ने खोली बेसिक शिक्षा की पोल, लखनऊ के 35 फीसदी छात्र आजतक नहीं पहुंचे स्कूल

Mid Day Meal Ne Kholi Basic Shiksha Ki Pol

लखनऊ। सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को लेकर कई तरह की चिंताएं पूर्व में भी सामने आतीं रहीं हैं। अदालतों से लेकर कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं बेसिक शिक्षा के लगातार गिरते स्तर में ऊपर उठाने के लिए सरकारों से अपील कर चुकीं हैं। लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।




यूपी की राजधानी लखनऊ की मिड डे मील प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए किए गए आंकड़ों में स्पष्ट किया गया है कि उनके द्वारा गत् वर्ष में केवल 65 प्रतिशत छात्रों को भोजन उपलब्ध करवाया गया है। शेष 35 प्रतिशत छात्र ऐसे रहे हैं जिन्होंने कभी स्कूल का मुंह नहीं देखा।




एक अखबार में छपी रिपोर्ट में जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ जिले में बेसिक शिक्षा विभाग 2223 प्राइमरी स्कूलों का संचालन कर रहा है। इन स्कूलों में 2 लाख छात्र पंजीकृत हैं। जिसमें से 73461 छात्र ऐसे हैं जिन्होंने पंजीकरण के बाद से स्कूल को रुख नहीं किया है। मिड डे मील रिपोर्ट के मुताबिक केवल 9886 छात्र ऐसे रहे जिन्हें हर​ दिन मिड डे मील दिया गया, यानी ये छात्र प्रतिदिन स्कूल गए।

इन आंकड़ों के सामने आने के बाद लखनऊ के बीएसए का कहना है कि साल के शुरूआत में स्कूल चालो अभियान के तहत छात्र पंजीकृत होते हैं। उनमें बहुत से छात्र स्कूल छोड़ देते हैं। जिसके बाद अध्यापक उनके छोड़ने के कारण की जानकारी भी लेते हैं। लेकिन जब बच्चे स्कूल आएं ही न तो अध्यापक और अधिकारी कर ही क्या सकते हैं।

लखनऊ। सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को लेकर कई तरह की चिंताएं पूर्व में भी सामने आतीं रहीं हैं। अदालतों से लेकर कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं बेसिक शिक्षा के लगातार गिरते स्तर में ऊपर उठाने के लिए सरकारों से अपील कर चुकीं हैं। लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। यूपी की राजधानी लखनऊ की मिड डे मील प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए किए गए आंकड़ों में स्पष्ट किया गया है कि उनके द्वारा गत्…