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खनन घोटाला: सीबीआई की जांच की जद में पूर्व सीएम अखिलेश, गायत्री संभाल रहे थे मंत्रालय

Mining Scam Was More Then 100 Crore During Akhilesh Yadav Cm Period

By टीम पर्दाफाश 
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी बी. चन्द्रकला के आवास पर सीबीआई की छापेमारी ने कई बड़े नेताओं को अपनी जद में ले लिया है। प्रदेश में खनन के लिए स्वर्ग माने जाने वाले हमीरपुर के साथ ही सोनभद्र में बड़ी मात्रा में हो रहे अवैध खनन के मामले में आज सीबीआइ ने 12 जगह पर छापेमारी की है। अवैध खनन का मामला तत्कालीन अखिलेश सरकार के कार्यकाल के दौरान गायत्री प्रसाद प्रजापति की सरपरस्ती में हुआ है। बताया जा रहा है कि अवैध खनन का घोटाला सौ करोड़ से अधिक का था।

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अब अवैध खनन मामले की आंच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक पहुंचती दिख रही है। अब वह सीबीआई के रेडार पर हैं और उनसे पूछताछ हो सकती है। सीबीआई के मुताबिक 2011 के बाद से यूपी के सभी खनन मंत्रियों से पूछताछ हो सकती है। बताते चलें कि 2012-13 में खनन मंत्रालय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास था।

बता दें कि अखिलेश सरकार में बी.चन्द्रकला की पोस्टिंग पहली बार हमीरपुर जिले में जिलाधिकारी के पद पर की गई थी। आरोप है कि इस आईएएस ने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए थे। जबकि ई-टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था लेकिन बी.चन्द्रकला ने सारे प्रावधानों की अनदेखी की थी।

हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2015 को हमीरपुर में जारी किए गए सभी 60 मौरंग खनन के पट्टे अवैध घोषित करते हुए रद्द कर दिए थे। याचिका कर्ता विजय द्विवेदी के मुताबिक मौरंग खदानों पर पूरी तरह से रोक लगाने के बाद भी जिले में अवैध खनन खुलेआम किया गया। 28 जुलाई 2016 को तमाम शिकायतें व याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अवैध खनन की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

उस दौरान प्रदेश में कम समय में ही लंबी छलांग लगाने वाले गायत्री प्रसाद प्रजापति कैबिनेट मंत्री के रूप में भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्रालय संभाल रहे थे। इस दौरान खनन घोटाला सामने आया था। गायत्री प्रजापति के खिलाफ सौ करोड़ के अवैध खनन के भ्रष्टाचार की लोकायुक्त को शिकायत की गई थी। हमीरपुर जिले में अवैध मौरंग खनन और सिंडीकेट के नेटवर्क से कई सौ करोड़ की वसूली किये जाने के मामले में एमएलसी सहित तमाम मौरंग व्यवसायी सीबीआई के रडार पर आ गये हैं।

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