बिहार के चूहों की वजह से आयी प्रलयकारी बाढ़: नीतीश के मंत्री

पटना। बिहार में चूहे शराब को थानों से गायब करने के दोषी नहीं बल्कि अब प्रलयकारी बाढ़ के लिए भी चूहों को दोषी ठहराया जा रहा है। नीतीश कुमार के जल संसाधन मंत्री का कहना है, “चूहों के कारण ही तटबंध कमजोर हो गए, टूट गए और बाढ़ आ गई।” बिहार में इस बार बाढ़ ने विकराल रूप धरा और इससे पांच सौ से ज्यादा लोग काल के गाल में समा गये। बाढ़ से बिहार के 19 जिलों में कुल 1.17 करोड़ लोग प्रभावित हुए।

बाढ़ को लेकर बिहार के जल संसाधन मंत्री ललन सिंह ने एक चौंकाने वाला बयान दे दिया। उन्होने कहा, तटबंध को कमजोर करने में सबसे बड़ी भूमिका चूहों की रही है। उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि तटबंध पर रहने वाले ग्रामीण वहीं मचान बनाकर अनाज रख देते हैं और फिर चूहे तटबंध में ही अपने रहने के लिए बिल बना लेते हैं, जिससे तटबंध कमजोर हो जाता है। उन्होंने कहा कि एक-दो जगहों पर रिसाव आया, मगर 72 घंटे के अंदर सरकार ने उसे ठीक कर लिया।

{ यह भी पढ़ें:- इस जोड़े से मिलने खुद पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ये रही वजह }

इतना ही नहीं, आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री दिनेश चंद्र यादव ने कहा, अब चूहों और मच्छरों का क्या उपाय है? आप क्या कर लीजिएगा? यह तो चलता ही रहेगा। उन्होंने आगे कहा, एक दो जगहों पर तटबंधों पर रिसाव हुआ, जिसे विभाग ने तत्क्षण बंद कर लिया। यह तो कोई नहीं कह सकता कि सभी चूहों को खत्म कर लेंगे।

इन दोनों मंत्रियों के बयान पर विपक्ष को भी सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया। राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने चुटकी लेते हुए कहा, “बिहार में अब चूहे सरकार से भी ज्यादा ताकतवर हो गए हैं।”

{ यह भी पढ़ें:- लालू प्रसाद यादव का पीएम मोदी पर निशाना, 'पहले लोग शेर से डरते थे और अब गाय से' }

Loading...