नशे में टल्ली जेल अधीक्षक ने मंत्री को दी रिश्वत, भड़के मंत्री ने करवाई FIR

jay-kumar-jacky

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जेल राज्य मंत्री जय कुमार सिंह ‘जैकी’ ने बाराबंकी के जेल अधीक्षक उमेश कुमार सिंह पर रिश्वत देने का आरोप लगाया है। मंत्री के निर्देश पर उनके गनर ने जेल अधीक्षक पर 50 हजार की रिश्वत देने को लेकर लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Minister Of The Jail Accused Of Giving Bribe To Barabanki Jail Superintendent :

मिली जानकरी के मुताबिक मंगलवार रात मंत्री जय कुमार डालीबाग स्थित अपने आवास पर थे। करीब साढ़े नौ बजे बाराबंकी जेल अधीक्षक उमेश कुमार वहां आ पहुंचा। उसने मंत्री के स्टाफ से जरूरी काम बताते हुए मिलने के लिए कहा। मंत्री ने उमेश कुमार को कमरे में बुलवाया। मंत्री का कहना है कि जेल अधीक्षक उस दौरान नशे में था। जेल अधीक्षक को नशे में देख मंत्री भड़क गए। उन्होंने उमेश कुमार को फटकारते हुए सुरक्षाकर्मियों से उसे बाहर निकालने के लिए कहा।

जेल अधीक्षक उमेश कुमार

इस दौरान जेल अधीक्षक ने जेब से लिफाफा निकालकर टेबल पर रख दिया और चला गया। लिफाफे में 50 हजार रुपये थे। लिफाफा देखते ही मंत्री का पारा और चढ़ गया, हालांकि तब तक जेल अधीक्षक वहां से जा चुका था। मंत्री के निर्देश पर गनर सौरभ ने हजरतगंज कोतवाली जाकर जेल अधीक्षक उमेश कुमार सिंह के खिलाफ रिश्वत देने और नशे की हालत में आने की शिकायत करते हुए केस दर्ज करा दिया।

वहीं जेल अधीक्षक का कहना है कि वह मंगलवार को बाराबंकी में ही थे। वह लखनऊ गए ही नहीं तो मंत्री को नोटों से भरा लिफाफा देने का सवाल ही नहीं उठता है। इस पूरे मामले के पीछे कोई साजिश हो सकती है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जेल राज्य मंत्री जय कुमार सिंह 'जैकी' ने बाराबंकी के जेल अधीक्षक उमेश कुमार सिंह पर रिश्वत देने का आरोप लगाया है। मंत्री के निर्देश पर उनके गनर ने जेल अधीक्षक पर 50 हजार की रिश्वत देने को लेकर लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।मिली जानकरी के मुताबिक मंगलवार रात मंत्री जय कुमार डालीबाग स्थित अपने आवास पर थे। करीब साढ़े नौ बजे बाराबंकी जेल अधीक्षक उमेश कुमार वहां आ पहुंचा। उसने मंत्री के स्टाफ से जरूरी काम बताते हुए मिलने के लिए कहा। मंत्री ने उमेश कुमार को कमरे में बुलवाया। मंत्री का कहना है कि जेल अधीक्षक उस दौरान नशे में था। जेल अधीक्षक को नशे में देख मंत्री भड़क गए। उन्होंने उमेश कुमार को फटकारते हुए सुरक्षाकर्मियों से उसे बाहर निकालने के लिए कहा।[caption id="attachment_268242" align="aligncenter" width="691"] जेल अधीक्षक उमेश कुमार[/caption]इस दौरान जेल अधीक्षक ने जेब से लिफाफा निकालकर टेबल पर रख दिया और चला गया। लिफाफे में 50 हजार रुपये थे। लिफाफा देखते ही मंत्री का पारा और चढ़ गया, हालांकि तब तक जेल अधीक्षक वहां से जा चुका था। मंत्री के निर्देश पर गनर सौरभ ने हजरतगंज कोतवाली जाकर जेल अधीक्षक उमेश कुमार सिंह के खिलाफ रिश्वत देने और नशे की हालत में आने की शिकायत करते हुए केस दर्ज करा दिया।वहीं जेल अधीक्षक का कहना है कि वह मंगलवार को बाराबंकी में ही थे। वह लखनऊ गए ही नहीं तो मंत्री को नोटों से भरा लिफाफा देने का सवाल ही नहीं उठता है। इस पूरे मामले के पीछे कोई साजिश हो सकती है।