ODOP कार्यक्रम के दौरान मंत्री सत्यदेव पचौरी ने किया राष्ट्रपति का अपमान

Satyadev Pachauri
ओडीओपी कार्यक्रम के दौरान मंत्री सत्यदेव पचौरी ने किया राष्ट्रपति का अपमान

लखनऊ। हमारे देश में विशिष्ट व्यक्तियों यानी राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे व्यक्तियों की मौजूदगी में आचरण को लेकर प्रोटोकॉल होता है। जो इन पदों पर आसीन लोगों के सम्मान को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसके बावजूद कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो जिम्मेदार पदों पर होने के बावजूद प्रोटोकॉल को तोड़ने का काम करते हैं यानी इन पदों पर आसीन व्यक्तियों के सम्मान का ध्यान नहीं रखते।

ऐसा ही कुछ यूपी के लघु उद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी ने शुक्रवार को कर डाला। पचौरी साहब ने लखनऊ पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के सम्मान की परंपरा के दौरान अपनी कुर्सी तक छोड़ना उचित नहीं समझा, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राष्ट्रपति को सम्मानित किया जा रहा था और दूसरे छोर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ बैठे राज्यपाल राम नाईक भी खड़े थे। पता नहीं पचौरी साहब किस धुन में मगन थे कि उन्होंने उस समय अपना सिर खुजलाया फिर बाल संभाले अपने सूखते गले को भी तर किया, लेकिन उन्हें ये बात समझ नहीं आई कि उन्हें स्वयं भी खड़ा होना चाहिए।

{ यह भी पढ़ें:- अटल पर योगी की आस्था को नगर विकास मंत्री ने लगाया बट्टा, घर पर बुलाई आधिकारिक मीटिंग }

गला तर करते हुए मंत्री सत्यदेव पचौरी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राज्य सरकार के उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट (One District One Product) का शुभारंभ करने के लिए आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम राजधानी के गोमतीनगर इलाके में बने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रखा गया था। कार्यक्रम के मंच पर राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल राम नईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलावा उत्तर प्रदेश के लघु उद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी को भी स्थान दिया गया था। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति के सम्मान के लिए पारंपरिक तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें शॉल पहनाई और कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए उन्हें एक हस्तनिर्मित कलाकृति प्रतीक स्वरूप भेंट किया। इस दौरान मंत्री सत्यदेव पचौरी चौड़े से अपनी कुर्सी पर डंटे रहे।

अब पचौरी जी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वॉयरल हो रहीं है, जिनके साथ—साथ कुछ टिप्पणियां भी की जा रहीं हैं। कोई पचौरी पर जातिवाद थोप रहा है, तो कोई राष्ट्रपति और पचौरी के कानपुर कनेक्शन का हवाला देकर पचौरी के अहंकार को राष्ट्रपति के अपमान का कारण बता रहा है।

{ यह भी पढ़ें:- शेल्टर होम में सेक्स रैकेट के खुलासे पर नाराज सीएम योगी, रीता बहुगुणा जोशी को किया तलब }

दीप प्रज्जवलन के समय खड़े नजर आए थे पचौरी

वहीं टीम पर्दाफाश ने जब पचौरी के खड़े न होने का कारण जानने की कोशिश की तो पता चला कि पचौरी स्वस्थ है और इसी कार्यक्रम में दीप प्रज्जवलन के समय वह राष्ट्रपति के पीछे खड़े नजर भी आए थे। ऐसे में कोई ऐसी वजह नजर नहीं आती जिसके चलते पचौरी साहब खड़े होने में समर्थ नहीं हो पाए।

लखनऊ। हमारे देश में विशिष्ट व्यक्तियों यानी राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे व्यक्तियों की मौजूदगी में आचरण को लेकर प्रोटोकॉल होता है। जो इन पदों पर आसीन लोगों के सम्मान को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसके बावजूद कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो जिम्मेदार पदों पर होने के बावजूद प्रोटोकॉल को तोड़ने का काम करते हैं यानी इन पदों पर आसीन व्यक्तियों के सम्मान का ध्यान नहीं रखते। ऐसा ही कुछ यूपी के लघु उद्योग मंत्री…
Loading...