शहीदों के परिजनों को मोदी सरकार ने दी बड़ी राहत, उठाएगी बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्चा

narendra modi . शहीदो के बछे
शहीदों के परिजनों को मोदी सरकार ने दी बड़ी राहत, उठाएगी बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्चा

Ministry Of Defence Issues Order To Educational Concession Will Continue For The Children Of Armed Forces Officers

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने शहीदों के परिवारों को बड़ी राहत दी है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक  शहीद, विकलांग, लापता अफसरों और जवानों के बच्चों की शिक्षा के लिए ट्यूशन और हॉस्टल फीस की भुगतान सीमा 10000 रुपये प्रतिमाह की सीमा समाप्त करने का आदेश मंत्रालय ने दे दिया है। इस आदेश पर सैनिकों के परिजनों और पूर्व सैनिकों ने नाराजगी जताई थी। जिसके बाद सरकार ने सीमा खत्म करते हुए पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने का ऐलान किया है।

हालांकि मंत्रालय की ओर से स्‍पष्‍ट किया गया कि शैक्षिक मदद सिर्फ सरकारी स्‍कूलों, सरकारी सहायता प्राप्‍त स्‍कूलों, शैक्षिक संस्‍थाओं, मिलिट्री या सैनिक स्‍कूलों, केंद्र या राज्‍य सरकारों द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त स्‍कूलों या फिर केंद्र और राज्‍य द्वारा वित्‍त पोषित संस्‍थाओं में ही दी जाएगी। यह रियायत सशस्‍त्र बलों के अधिकारियों, पीबीओआर (अधिकारी रैंक के नीचे के कर्मचारियों) के बच्‍चों के लिए रहेगी।

दरअसल शहीदों के बच्चों की माताओं ने रक्षा मंत्रालय को चिट्ठी लिखी थी। उन्होंने लिखा था कि बच्चों की शिक्षा के लिए दिए जाने वाले फंड को सीमित कर दिए जाने से उनकी शिक्षा दीक्षा में रुकावट आ रही है। लिहाजा इसको बढ़ाया जाए। इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को खत लिखकर राशि को सीमित किए जाने के फैसले को वापस लेने की अपील की थी।

यह स्कीम तीनों सेनाओं के लिए है। 1971 की भारत-पाक जंग के बाद शुरुआती स्कीम सामने आई थी, इसमें ट्यूशन और अन्य फीस (हॉस्टल, किताब, यूनिफॉर्म) का पूरा खर्च मिलता था। ट्यूशन और हॉस्टल फीस की भुगतान सीमा 10 हजार रुपये तक कर दी गई थी। यह फैसला 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित बताया गया, लेकिन अब सरकार ने फिर से पुरानी व्यवस्था कर दी है।

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने शहीदों के परिवारों को बड़ी राहत दी है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक  शहीद, विकलांग, लापता अफसरों और जवानों के बच्चों की शिक्षा के लिए ट्यूशन और हॉस्टल फीस की भुगतान सीमा 10000 रुपये प्रतिमाह की सीमा समाप्त करने का आदेश मंत्रालय ने दे दिया है। इस आदेश पर सैनिकों के परिजनों और पूर्व सैनिकों ने नाराजगी जताई थी। जिसके बाद सरकार ने सीमा खत्म करते हुए पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने का ऐलान किया है।…