नाबालिग गैंगरेप पीड़िता ने किया सुसाइड, CM योगी ने दिया था सुरक्षा का भरोसा

लखनऊ। सूबे में योगी सरकार कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को लेकर अफसरों के पेंच कसे थे लेकिन बागपत जिले के एक मामले ने सारे दावों की पोल खोल कर रख दी। यहां गैंगरेप पीड़िता ने दबंगों ने परेशान होकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस आत्महत्या की वजह कुछ और ही बता रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक, थाना क्षेत्र रमाला के गांव किरठल की रहने वाली आठवीं की छात्रा ने शुक्रवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा के पिता उस वक्त घर पर नहीं थे। पुलिस ने पहले मामले को प्रेम-प्रंसग बताने की कोशिश की, लेकिन छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी के साथ गैंगरेप किया गया था और पुलिस ने आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी।

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पीड़ित परिवार का आरोप है कि दबाव बनाकर समझौता करा लिया गया था, लेकिन पुलिस इस आत्महत्या की वजह कुछ और ही बात रही है। परिजनों का कहना है कि कुछ दिन पहले एक बार फिर दबंगो ने छात्रा को उठाने का प्रयास किया और फिर गैंगरेप की धमकी दी। इसी डर के चलते छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी है। वहीं पुलिस का कहना है कि छात्रा से छेड़छाड़ और गैंगरेप की कोई बात सामने नहीं आई है।

सीएम योगी के संज्ञान में है मामला-

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मृतका के पिता ने लखनऊ जाकर सीएम के जनता दरबार में गैंगरेप की जानकारी दी और पुलिस के कार्रवाई नहीं करने की शिकायत की थी। पीड़िता ने बताया कि पांचों आरोपियों को बचाया जा रहा हैं। पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है। सीएम ने तत्कालीन एसपी अनिल राय को मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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