मदरसा बलात्कार मामला: रेप पीड़िता ने सुनाई आपबीती, कहा- बच्चों के शोर में दब जाती थी आवाज

गाजियाबाद। देश में पॉस्को एक्ट लागू होने के बाद भी महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक बार फिर एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की खबर सामने आई है। ताजा मामला गाजियाबाद के साहिबाबाद का है। जहां पर एक मदरसे के अंदर 11 साल की बच्ची के साथ एक नाबालिग ने दुष्कर्म किया है। बच्ची के परिजनों का आरोप है कि उसका अपहरण कर उसके साथ मदरसे में रेप किया गया। इस घटना को लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया।

Minor Girl Kidnapped From Delhi Rescued From Ghaziabad Madrasa Told Her Story Of Rape Captivity :

क्या था मामला

खबरों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस अधिकारी ने इस मामले की जिम्मेदारी अपराध शाखा को सौंप दी है। आपको बता दें कि 17 साल के एक किशोर ने 12 साल की नाबालिग लड़की का गाजीपुर इलाके अपहरण कर लिया था। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले का गंभीरता से लेते हुए इस मामले की जांच शुरू की और पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस के आधार पर रविवार देर रात मासूम को हिंडन विहार के पास एक मदरसे से लड़की को बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौलवी और उसके दोस्त को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।

जिस कमरे में कैद थी बच्‍ची उसमें थोड़ी-थोड़ी देर में आराम करने आता था मौलवी

पुलिस से प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक जिस कमरे में बच्‍ची को कैद कर रखा गया था उस कमरे में मौलवी क्‍लास के बीच-बीच में आराम करने के लिए पहुंचता था। पुलिस ने बताया कि पिछले साल ही मौलवी को नियुक्त किया गया था। पुलिस इस बात की जांच में भी जुटी है कि कहीं मौलवी अन्य बच्चों की किडनैपिंग में तो शामिल नहीं। वहीं, आरोपी नाबालिग के कॉल रिकॉर्ड्स चेक करने पर पुलिस ने पाया कि वह लापता होने वाले दिन लगातार पीड़िता के संपर्क में रहा। क्राइम ब्रांच कॉल रिकॉर्ड्स खंगालकर यह पता लगाने की कोशिश भी कर रही है कि उसने पीड़िता से यौन शोषण के लिए अन्य किसी से संपर्क किया था कि नहीं।

सिर्फ एक कपड़ा लपेटे फर्श पर लेटी थी पीडि़ता

पीडि़ता ने बताया कि 17 साल के उस नाबालिग लड़के और मदरसे के मौलवी ने उसका यौन शोषण करते थे और कमरे में कैद कर देते थे। उसने बताया कि मदद के लिए चिल्‍लाने पर भी उसकी आवाज कोई नहीं सुनता था क्‍योंकि जिस कमरे में वो कैद थी उस कमरे के बगल में क्‍लास चलता था जिसके चलते बच्‍चों की आवाज में उसकी चीखें दब जाती थीं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पीडि़ता ने बताया है कि मदरसे में कुछ अन्य लोगों ने भी उसे गलत तरह से छुआ। उनकी पहचानने की कोशिशें भी जारी हैं। जब पीड़िता को मदरसे से छुड़ाने के लिए पुलिस वहां पहुंची थी तो वह एक कपड़ा लपेटे फर्श पर बिछी चटाई पर लेटी हुई थी।

हिन्दू संगठनों  ने पुलिस पर लगाए आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपियों की गिरफ्तारियों के खिलाफ कार्रवाई की को लेकर अलग-अलग हिन्दू संगठनों के लोग गाजीपुर थाने पर जमा हो गए और जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने पुरे मामले में पुलिस चुप्पी साधी हुई है।

गाजियाबाद। देश में पॉस्को एक्ट लागू होने के बाद भी महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक बार फिर एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की खबर सामने आई है। ताजा मामला गाजियाबाद के साहिबाबाद का है। जहां पर एक मदरसे के अंदर 11 साल की बच्ची के साथ एक नाबालिग ने दुष्कर्म किया है। बच्ची के परिजनों का आरोप है कि उसका अपहरण कर उसके साथ मदरसे में रेप किया गया। इस घटना को लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया।

क्या था मामला

खबरों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस अधिकारी ने इस मामले की जिम्मेदारी अपराध शाखा को सौंप दी है। आपको बता दें कि 17 साल के एक किशोर ने 12 साल की नाबालिग लड़की का गाजीपुर इलाके अपहरण कर लिया था। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले का गंभीरता से लेते हुए इस मामले की जांच शुरू की और पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस के आधार पर रविवार देर रात मासूम को हिंडन विहार के पास एक मदरसे से लड़की को बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौलवी और उसके दोस्त को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।

जिस कमरे में कैद थी बच्‍ची उसमें थोड़ी-थोड़ी देर में आराम करने आता था मौलवी

पुलिस से प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक जिस कमरे में बच्‍ची को कैद कर रखा गया था उस कमरे में मौलवी क्‍लास के बीच-बीच में आराम करने के लिए पहुंचता था। पुलिस ने बताया कि पिछले साल ही मौलवी को नियुक्त किया गया था। पुलिस इस बात की जांच में भी जुटी है कि कहीं मौलवी अन्य बच्चों की किडनैपिंग में तो शामिल नहीं। वहीं, आरोपी नाबालिग के कॉल रिकॉर्ड्स चेक करने पर पुलिस ने पाया कि वह लापता होने वाले दिन लगातार पीड़िता के संपर्क में रहा। क्राइम ब्रांच कॉल रिकॉर्ड्स खंगालकर यह पता लगाने की कोशिश भी कर रही है कि उसने पीड़िता से यौन शोषण के लिए अन्य किसी से संपर्क किया था कि नहीं।

सिर्फ एक कपड़ा लपेटे फर्श पर लेटी थी पीडि़ता

पीडि़ता ने बताया कि 17 साल के उस नाबालिग लड़के और मदरसे के मौलवी ने उसका यौन शोषण करते थे और कमरे में कैद कर देते थे। उसने बताया कि मदद के लिए चिल्‍लाने पर भी उसकी आवाज कोई नहीं सुनता था क्‍योंकि जिस कमरे में वो कैद थी उस कमरे के बगल में क्‍लास चलता था जिसके चलते बच्‍चों की आवाज में उसकी चीखें दब जाती थीं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पीडि़ता ने बताया है कि मदरसे में कुछ अन्य लोगों ने भी उसे गलत तरह से छुआ। उनकी पहचानने की कोशिशें भी जारी हैं। जब पीड़िता को मदरसे से छुड़ाने के लिए पुलिस वहां पहुंची थी तो वह एक कपड़ा लपेटे फर्श पर बिछी चटाई पर लेटी हुई थी।

हिन्दू संगठनों  ने पुलिस पर लगाए आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपियों की गिरफ्तारियों के खिलाफ कार्रवाई की को लेकर अलग-अलग हिन्दू संगठनों के लोग गाजीपुर थाने पर जमा हो गए और जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने पुरे मामले में पुलिस चुप्पी साधी हुई है।