कांग्रेस एमएल अदिति सिंह के पिता और पूर्व विधायक अखिलेश सिंह का निधन

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लखनऊ।उत्तर प्रदेश के रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के पिता अखिलेश सिंह का मंगलवार तड़के लखनऊ में निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के पीजीआई में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से कैंसर से पीडि़त थे। उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रायबरेली के लालूपुर लाया जाएगाए जहां उनका अंतिम संस्कार होगा।

Mla Aditi Singh Father Akhilesh Singh Passes Away At Lucknow Pgi :

जानकारी के अनुसार अखिलेश सिंह लंबे समय से कैंसर से लड़ाई लड़ रहे थे और उनका इलाज सिंगापुर में भी चला। बताया जा रहा है कि नियमित जांच के लिए वह लखनऊ के पीजीआई आए जहां तबियत बिगडऩे पर उन्हें एडमिट होना पड़ा और मंगलवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनकी मौत से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। अखिलेश सिंह का जन्म 15 सितंबर 1959 में हुआ था। अखिलेश सिंह के बारे में कहा जाता है कि वह रायबरेली की राजनीति के बेताज बादशाह थे। उनकी विरासत उनकी बेटी अदिति सिंह संभाल रही हैं।

2017 में जब मोदी लहर में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक जीत दर्ज की तोए उसके बीच भी अदिति ने रिकॉर्ड मतों से चुनाव जीता और विधायक बनीं। अखिलेश सिंह रायबरेली सीट से पांच बार विधायक चुने गए।

उन्होंने अपने सियासी सफर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। हालांकि राकेश पांडेय हत्याकांड के बाद उन्हें कांग्रेस से बाहर निकाल दिया गया था। इसके बावजूद वह कई बार निर्दलीय विधायक चुने गए। 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश सिंह पीस पार्टी में शामिल हो गए थे और गांधी परिवार को खूब कोसा करते थे।

लखनऊ।उत्तर प्रदेश के रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के पिता अखिलेश सिंह का मंगलवार तड़के लखनऊ में निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के पीजीआई में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से कैंसर से पीडि़त थे। उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रायबरेली के लालूपुर लाया जाएगाए जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। जानकारी के अनुसार अखिलेश सिंह लंबे समय से कैंसर से लड़ाई लड़ रहे थे और उनका इलाज सिंगापुर में भी चला। बताया जा रहा है कि नियमित जांच के लिए वह लखनऊ के पीजीआई आए जहां तबियत बिगडऩे पर उन्हें एडमिट होना पड़ा और मंगलवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। अखिलेश सिंह का जन्म 15 सितंबर 1959 में हुआ था। अखिलेश सिंह के बारे में कहा जाता है कि वह रायबरेली की राजनीति के बेताज बादशाह थे। उनकी विरासत उनकी बेटी अदिति सिंह संभाल रही हैं। 2017 में जब मोदी लहर में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक जीत दर्ज की तोए उसके बीच भी अदिति ने रिकॉर्ड मतों से चुनाव जीता और विधायक बनीं। अखिलेश सिंह रायबरेली सीट से पांच बार विधायक चुने गए। उन्होंने अपने सियासी सफर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। हालांकि राकेश पांडेय हत्याकांड के बाद उन्हें कांग्रेस से बाहर निकाल दिया गया था। इसके बावजूद वह कई बार निर्दलीय विधायक चुने गए। 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश सिंह पीस पार्टी में शामिल हो गए थे और गांधी परिवार को खूब कोसा करते थे।