कर्नाटक : नाराज कांग्रेस-JDS के कई विधायक जल्द कर सकते है BJP ज्वाइन

कर्नाटक : नाराज कांग्रेस-JDS के कई विधायक जल्द कर सकते है BJP ज्वाइन
कर्नाटक : नाराज कांग्रेस-JDS के कई विधायक जल्द कर सकते है BJP ज्वाइन

बेंगलुरु। कर्नाटक में जनता दल(एस) और कांग्रेस गठबंधन सरकार की मुश्किलें कम होती दिखाई नहीं दे रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी अपनी नई सरकार के बीच घिर चुके हैं। सीएम मंत्रिमंडल विस्तार से नाखुश कांग्रेस विधायकों को समझाने-बुझाने का लागतार प्रयास कर रहे हैं बावजूद इसके वे मानने को तैयार नहीं है। सूत्रों के अनुसार कुछ असंतुष्ट विधायकों ने कांग्रेस छोड़ने का मन बना लिया है और वह जल्द ही भाजपा से हाथ मिला सकते हैं।

Mla Of Congress Will Join Bjp :

कैबिनेट पद के लिए कांग्रेस विधायकों के एक खेमे में असंतोष खुलकर सामने आया है। वहीं कहा जा रहा है कि इसके पीछे वजह पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हैं, जो दूर से ही कांग्रेस के इस गुट को हवा दे रहे हैं। कई लोगों का यह भी मानना है कि सिद्धारमैया की असली लड़ाई उपमुख्यमंत्री परमेश्वर से है और इस गुटबाजी के जरिए वह उनको चुनौती दे रहे हैं।

विधायकों ने की भाजपा से बातचीत

कांग्रेस पार्टी ने गठबंधन सरकार में एम बी पाटिल, दिनेश गुंडु राव, रामलिंगा रेड्डी, आर रौशन बेग, एच के पाटिल, तनवीर सैत, शामानूर शिवशंकरप्पांड और सतीश जारखिहोली समेत पिछली सिद्धरमैया मंत्रिमंडल के कई अहम सदस्यों को नयी गठबंधन सरकार में जगह नहीं दी है। ये नेता काफी खफा हैं और इनके बीच काफी बैठकें हो चुकी हैं। कांग्रेसी विधायक एचएम रेवन्ना ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह भाजपा के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं और वह जल्द ही इसे जॉइन कर सकते हैं।

जेडीएस के दो मंत्री भी नाराज

समाचार एजेंसी के मुताबिक, जेडीएस के जीटी देवेगौड़ा (उच्च शिक्षा) और सीएस पुट्टाराजू (लघु सिचाई) अपने मंत्रालयों से खुश नहीं हैं। बता दें कि जीटी देवेगौड़ा ने चामुंडेश्वरी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को मात दी थी। वहीं, सीएस पुट्टाराजू ने लोकसभा सीट छोड़कर मेलुकोटे से विधानसभा चुनाव लड़ा था।

कुमारस्वामी ने नाराज विधायकों से की थी मुलाकात

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार शाम नाराज विधायकों से मुलाकात की थी। इसके बाद कुमारस्वामी ने माना था कि कुछ कांग्रेसी विधायक असंतुष्ट हैं, लेकिन उम्मीद है कि वे सभी सही फैसला लेंगे। वहीं कांग्रेस के डी शिवकुमार ने भी माना था कि उनके कुछ वरिष्ठ नेता आहत हैं, लेकिन पार्टी ने मंत्री पदों के बंटवारे के लिए सभी विकल्पों को खुला रखा है।

याद दिला दें कि कुमारस्वामी ने 23 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 25 मई को विधानसभा में उन्होंने बहुमत साबित किया था। मुख्यमंत्री और कई प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने इन विधायकों से मुलाकात की लेकिन फिलहाल वे पीछे हटने की मूड में नहीं जान पड़ते हैं। इसके बाद कुमारस्वामी ने कांग्रेस आलाकमान से तत्काल कदम उठाने और स्थिति का समाधान करने का आह्वान किया है। उधर कांग्रेस समर्थक/कार्यकर्ता विभाग बंटवारे को लेकर कांग्रेस के पक्ष में विरोध कर रहे हैं।

बेंगलुरु। कर्नाटक में जनता दल(एस) और कांग्रेस गठबंधन सरकार की मुश्किलें कम होती दिखाई नहीं दे रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी अपनी नई सरकार के बीच घिर चुके हैं। सीएम मंत्रिमंडल विस्तार से नाखुश कांग्रेस विधायकों को समझाने-बुझाने का लागतार प्रयास कर रहे हैं बावजूद इसके वे मानने को तैयार नहीं है। सूत्रों के अनुसार कुछ असंतुष्ट विधायकों ने कांग्रेस छोड़ने का मन बना लिया है और वह जल्द ही भाजपा से हाथ मिला सकते हैं।कैबिनेट पद के लिए कांग्रेस विधायकों के एक खेमे में असंतोष खुलकर सामने आया है। वहीं कहा जा रहा है कि इसके पीछे वजह पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हैं, जो दूर से ही कांग्रेस के इस गुट को हवा दे रहे हैं। कई लोगों का यह भी मानना है कि सिद्धारमैया की असली लड़ाई उपमुख्यमंत्री परमेश्वर से है और इस गुटबाजी के जरिए वह उनको चुनौती दे रहे हैं।

विधायकों ने की भाजपा से बातचीत

कांग्रेस पार्टी ने गठबंधन सरकार में एम बी पाटिल, दिनेश गुंडु राव, रामलिंगा रेड्डी, आर रौशन बेग, एच के पाटिल, तनवीर सैत, शामानूर शिवशंकरप्पांड और सतीश जारखिहोली समेत पिछली सिद्धरमैया मंत्रिमंडल के कई अहम सदस्यों को नयी गठबंधन सरकार में जगह नहीं दी है। ये नेता काफी खफा हैं और इनके बीच काफी बैठकें हो चुकी हैं। कांग्रेसी विधायक एचएम रेवन्ना ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह भाजपा के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं और वह जल्द ही इसे जॉइन कर सकते हैं।

जेडीएस के दो मंत्री भी नाराज

समाचार एजेंसी के मुताबिक, जेडीएस के जीटी देवेगौड़ा (उच्च शिक्षा) और सीएस पुट्टाराजू (लघु सिचाई) अपने मंत्रालयों से खुश नहीं हैं। बता दें कि जीटी देवेगौड़ा ने चामुंडेश्वरी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को मात दी थी। वहीं, सीएस पुट्टाराजू ने लोकसभा सीट छोड़कर मेलुकोटे से विधानसभा चुनाव लड़ा था।

कुमारस्वामी ने नाराज विधायकों से की थी मुलाकात

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार शाम नाराज विधायकों से मुलाकात की थी। इसके बाद कुमारस्वामी ने माना था कि कुछ कांग्रेसी विधायक असंतुष्ट हैं, लेकिन उम्मीद है कि वे सभी सही फैसला लेंगे। वहीं कांग्रेस के डी शिवकुमार ने भी माना था कि उनके कुछ वरिष्ठ नेता आहत हैं, लेकिन पार्टी ने मंत्री पदों के बंटवारे के लिए सभी विकल्पों को खुला रखा है।याद दिला दें कि कुमारस्वामी ने 23 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 25 मई को विधानसभा में उन्होंने बहुमत साबित किया था। मुख्यमंत्री और कई प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने इन विधायकों से मुलाकात की लेकिन फिलहाल वे पीछे हटने की मूड में नहीं जान पड़ते हैं। इसके बाद कुमारस्वामी ने कांग्रेस आलाकमान से तत्काल कदम उठाने और स्थिति का समाधान करने का आह्वान किया है। उधर कांग्रेस समर्थक/कार्यकर्ता विभाग बंटवारे को लेकर कांग्रेस के पक्ष में विरोध कर रहे हैं।