राज ठाकरे ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से की मुलाकात, एक घंटे तक चली बातचीत

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच सोमवार को मुलाकात हुई। बताया जा रहा है कि यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। सूत्रों के अनुसार राज ठाकरे ने सोनिया गांधी से आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर भी बातचीत की।

Mns Chief Raj Thackeray Met Upa Chairperson Sonia Gandhi :

वहीं महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल की बात करें तो कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस एनसीपी गठबंधन लोकसभा चुनाव में हार की ठीक से समीक्षा भी नहीं कर पाया है और अब उनके सामने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस और एनसीपी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे भरोसे उतरने की तैयारी में दिख रही है।

देशभर में लोकसभा चुनाव में औंधे मुंह गिरी राहुल गांधी की कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी को अब महाराष्ट्र में चुनावी बेड़ा पार लगाने में महज एक राज ठाकरे ही आखिरी उम्मीद बची लगती है। सूबे में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और दोनों ही पार्टियां राजठाकरे की एमएनएस पर डोरे डालने में जुटी हैं।

राज ठाकरे से एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की मुलाकात के बाद कांग्रेस के नेताओं का एमएनएस सुप्रीमो राज ठाकरे से मुलाकातों का दौर तेज हो गया है। महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे ने राज ठाकरे से मिलकर सियासी नफे नुकसान और राज ठाकरे को मनाने की कोशिश की है। माना जाता है कि विधानसभा चुनाव में एमएनएस से गठबंधन की तैयारी को अमली जामा पहनाने की विपक्षी कोशिशें तेज हैं। चुनावों में चारों खाने चित पड़ी राहुल गांधी की कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी अब इतनी लाचार हो गई है कि चुनावी बेड़ा पार लगाने के लिय़े नए नए नुस्खों पर पार्टी माथापच्ची कर रही है।

महाराष्ट्र में अक्टूबर से पहले विधानसभा चुनाव होने हैं लिहाजा दोनों विपक्षी पार्टियां सूबे में चुनावी नैय्या पार लगाने के लिये राज ठाकरे की दहलीज पर बार बार दस्तक दे रही है। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार की ताजपोशी के बीच एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार खामोशी से राज ठाकरे से मिलने उनके घर पहुंच गये।

उसके बाद कांग्रेस के नेता माणिकराव ठाकरे भी एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे से बंद दरवाजा बैठक कर आये। दोनों ही पार्टियों के ज्यादातर नेता विपक्षी पार्टियों के महाराष्ट्र में बन रहे महागठबंधन में राज ठाकरे की एमएनएस को जोडऩे की वकालत कर रहे हैं।

दरअसल राज ठाकरे ने लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी का एक भी उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा था लेकिन सूबे में घूम कर कांग्रेस और एनसीपी के सियासी किलों को ढहने से बचाने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। स्वयं घोषित कांग्रेस और एनसीपी के स्टार प्रचारक बन बैठे थे।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच सोमवार को मुलाकात हुई। बताया जा रहा है कि यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। सूत्रों के अनुसार राज ठाकरे ने सोनिया गांधी से आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर भी बातचीत की। वहीं महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल की बात करें तो कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस एनसीपी गठबंधन लोकसभा चुनाव में हार की ठीक से समीक्षा भी नहीं कर पाया है और अब उनके सामने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस और एनसीपी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे भरोसे उतरने की तैयारी में दिख रही है। देशभर में लोकसभा चुनाव में औंधे मुंह गिरी राहुल गांधी की कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी को अब महाराष्ट्र में चुनावी बेड़ा पार लगाने में महज एक राज ठाकरे ही आखिरी उम्मीद बची लगती है। सूबे में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और दोनों ही पार्टियां राजठाकरे की एमएनएस पर डोरे डालने में जुटी हैं। राज ठाकरे से एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की मुलाकात के बाद कांग्रेस के नेताओं का एमएनएस सुप्रीमो राज ठाकरे से मुलाकातों का दौर तेज हो गया है। महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे ने राज ठाकरे से मिलकर सियासी नफे नुकसान और राज ठाकरे को मनाने की कोशिश की है। माना जाता है कि विधानसभा चुनाव में एमएनएस से गठबंधन की तैयारी को अमली जामा पहनाने की विपक्षी कोशिशें तेज हैं। चुनावों में चारों खाने चित पड़ी राहुल गांधी की कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी अब इतनी लाचार हो गई है कि चुनावी बेड़ा पार लगाने के लिय़े नए नए नुस्खों पर पार्टी माथापच्ची कर रही है। महाराष्ट्र में अक्टूबर से पहले विधानसभा चुनाव होने हैं लिहाजा दोनों विपक्षी पार्टियां सूबे में चुनावी नैय्या पार लगाने के लिये राज ठाकरे की दहलीज पर बार बार दस्तक दे रही है। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार की ताजपोशी के बीच एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार खामोशी से राज ठाकरे से मिलने उनके घर पहुंच गये। उसके बाद कांग्रेस के नेता माणिकराव ठाकरे भी एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे से बंद दरवाजा बैठक कर आये। दोनों ही पार्टियों के ज्यादातर नेता विपक्षी पार्टियों के महाराष्ट्र में बन रहे महागठबंधन में राज ठाकरे की एमएनएस को जोडऩे की वकालत कर रहे हैं। दरअसल राज ठाकरे ने लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी का एक भी उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा था लेकिन सूबे में घूम कर कांग्रेस और एनसीपी के सियासी किलों को ढहने से बचाने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। स्वयं घोषित कांग्रेस और एनसीपी के स्टार प्रचारक बन बैठे थे।