कॉल ड्रॉप पर सख्त हुई ट्राई, दोगुना किया जुर्माना, उपभोक्ताओं को हर्जाने की सिफ़ारिश

नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण(ट्राई) ने गुरुवार को कॉल ड्रॉप को लेकर अपनी वेबसाइट पर नए नियम जारी किए हैं। कॉल ड्रॉप की रिपोर्ट से असंतुष्ट ट्राई ने कंपनियों पर लगाए जाने वाले जुर्माने को दोगुना करते हुए जुर्माने के नए प्रावधान जारी किए हैं। इसके साथ ही ट्राई ने उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखते हुए सिफ़ारिश की है कि कंपनियों को अपने उपभोक्ताओं को कॉल ड्रॉप के लिए भविष्य में हर्जाना भी देना पड़ सकता है। 

देश के पाँच महानगरों से कॉल ड्रॉप को लेकर जारी हुई टेलीकॉम कंपनियों की रिपोर्ट में कोई विशेष सुधार ना होता देख एक तिमाही में लगाए जाने वाले 50 हज़ार के जुर्माने को बढ़ाकर 1 लाख कर दिया है। ट्राई के मानकों पर लगातार दो या अधिक तिमाही खरा नहीं उतरने पर जुर्माना राशि डेढ़ लाख रुपये हो जाएगी और उसके बाद हर तिमाही जुर्माना राशि दो लाख रुपये तक जा सकती है। जबकि कंपनी यदि दो डिफॉल्टिंग तिमाहियों के बीच एक तिमाही मानक पर खरा उतर जाती है, तो जुर्माना राशि फिर से एक लाख रुपये हो जाएगी।

पहली तिमाही रिपोर्ट में ट्राई ने किसी भी कंपनी को अपने मानकों पर खरा उतरता नहीं पाया है। बताया जा रहा है कि ट्राई ने कंपनियों को हिदायत दी है कि यदि कॉल ड्रॉप की समस्या का हल कंपनियाँ नहीं निकाल पाती तो भविष्य में उन्हें उपभोक्ताओं को हर्जाना देने के लिए तैयार रहना होगा। एक कॉल ड्रॉप होने पर कंपनी उपभोक्ता को 1 रुपये का हर्जाना देगी , एक उपभोक्ता को प्रतिदिन अधिकतम 3 रुपये का हर्जाना देना पड़ेगा।