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मोदी कैबिनेट 2: यूपी के ये नेता कैबिनेट में बनेंगे मंत्री, जानिए इनके राजनीतिक सफर में आया कैसे ये दिन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपनी कैबिनेट का विस्‍तार हैं। सब तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, नाम फाइनल हैं।

By अनूप कुमार 
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लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपनी कैबिनेट का विस्‍तार हैं। सब तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, नाम फाइनल हैं। नए कैबिनेट विस्तार में मंत्रियों के परफॉर्मेंस के आधार पर जहां कुछ मंत्रियों को पत्ता काटा गया तो वहीं कुछ मंत्रियों का प्रमोशन भी किया गया है। कैबिनेट का विस्‍तार में यूपी में विशेष् महत्व मिला है। पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में होने वाला यह पहला कैबिनेट का विस्तार है। इस कैबिनेट विस्तार में 43 मंत्री शपथ लेंगे। वहीं, इसमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के सात सांसद मोदी कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ लेंगे। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश से अनुप्रिया पटेल व कौशल किशोर सहित सात नेताओं को मोदी कैबिनेट में जगह मिली है। मोदी कैबिनेट में यूपी से अनुप्रिया पटेल, कौशल किशोर, एसपी सिंह बघेल, पंकज चौधरी, बीएल वर्मा, अजय मिश्रा और भानु प्रतात वर्मा शामिल किए गए हैं।

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सोशल इंजीनियरिंग को चुनावी वर्ष में जीत का मंत्र बनाने के लिए मोदी कैविनेट में आज नये चेहरे शामिल हो रहे हैं। राजनीति में एक बार फिर से उस कहावत पर नजर गड़ाना जरूरी हो गया है जिसमें यह कहा जाता है कि दिल्ली की गददी के लिए यूपी से रास्ता जाता है। यूपी में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिल रही ओबीसी वोटरों चुनौतियों को सोशल इंजीनियरिंग के फामूले से साधने का काम इस मत्रिमंडल विस्तार में पानी की तरह साफ दिखाई दे रहा है।​

अनुप्रिया पटेल
भाजपा की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का नाम पहले से ही मंत्री के लिए तय माना जा रहा था।2014 के आम चुनावों में बीजेपी गठबंधन की सदस्य अपना दल ने 2 सीटें हासिल की थीं। इसके बाद मोदी सरकार ने मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल को केंद्र में स्वास्थ्य राज्यमंत्री बनाया था, लेकिन 2019 में मोदी सरकार दोबारा बनने के बाद अपना दल को केंद्रीय टीम में जगह नहीं मिली। दरअसल, यूपी की सियासत में ओबीसी जातियों को अहम माना जाता है। यादवों के बाद इसमें सबसे ज्यादा कुर्मी वोट बैंक है। करीब 9 प्रतिशत आबादी के साथ यूपी की 100 विधानसभा सीटों पर कुर्मी जाति का असर माना जाता है।

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कौशल किशोर
कौशल किशोर उत्तर प्रदेश के मोहनलाल गंज से लोकसभा सांसद हैं। इसी के साथ वह परख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के एससी विंग के अध्यक्ष हैं। कौशल किशोर एक प्रभावी लीडर माने जाते हैं। साथ ही, सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर वे काफी सक्रिय रहते हैं। इसके लिए वह देश भर में पहचाने जाते हैं।वह पासी समाज से आते हैं। जाटव के बाद यूपी में इनका बड़ा वोट बैंक है। ऐसे में भाजपा इसके सहारे 2022 चुनाव को भी साध सकती है।

 

एपी बघेल
ब्रज की 12 से 14 लोकसभा सीटों के समीकरण को साधने के एपी बघेल को मोदी मंत्रिमंडल में मौका मिला है। बघेल आगरा से सांसद है। इसके पूर्व व​ह यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं। एपी बघेल पांचवी बार सांसद बने है।

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अजय मिश्र टेनी
अजय मिश्र टेनी लगातार दूसरी बार खीरी संसदीय सीट से लोकसभा सांसद बने हैं। पार्टी ब्राम्हण चेहरे के रूप में इनका उपयोग करेगी। अजय मिश्रा 2012 के विधानसभा चुनाव में जीते और विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 2016 में 16वीं लोकसभा के लिए खीरी से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुने गए। वर्तमान में अजय मिश्र लोक लेखा समिति (Public Account Committee) के सदस्य हैं।मौजूदा 17वीं लोकसभा के लिए खीरी सांसद अजय मिश्रा टेनी को मुख्य संसद रत्न अवार्ड के लिए नामित किया गया. यह सम्मान उन्हें सर्वाधिक सदन में मौजूदगी, आचरण और सक्रियता के चलते दिया गया. यह सम्मान हासिल करने वाले अजय मिश्र यूपी के पहले सांसद हैं।

 

 

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पंकज चौधरी
पंकज चौधरी 2019 में छठवीं बार पंकज चौधरी लोकसभा में सांसद बने थे। शहर से लेकर देश की राजनीति का उन्हें ज्ञान है। उनका जन्म गोरखपुर (Gorakhpur) में हुआ और वहीं से वे पढ़े लिखे। 57 साल के पंकज चौधरी को पार्षद से लेकर संसद सदस्य तक का अनुभव रहा है। मंत्रिमंडल विस्तार में अब वे केन्द्रीय मंत्री के रूप में अपनी सेवायें देंगे। पंकज चौधरी 1991, 1996, 1998, 2004, 2014 में सांसद रह चुके हैं। 2019 में वे छठवीं बार सांसद चुने गये हैं।

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