मोदी ,माल्या और नीरव जैसे घोटालेबाजों की अब खैर नहीं, कैबिनेट से बिल को मंजूरी

मोदी ,माल्या और नीरव जैसे घोटालेबाजों की अब खैर नहीं, कैबिनेट से बिल को मंजूरी
मोदी ,माल्या और नीरव जैसे घोटालेबाजों की अब खैर नहीं, कैबिनेट से बिल को मंजूरी

नई दिल्ली। हजारों करोड़ रुपये लेकर देश से भागने वाले विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी जैसे लोगों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बैंकों का लोन दबाकर बैठने वालों की नकेल कसने की तैयारी कर ली है। दरअसल, मोदी सरकार बैंकों से लोन लेकर विदेश भाग जाने वाले लोगों से पैसा वसूलने के लिए एक नया विधेयक लेकर आई है। केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल 2018 को मंजूरी दी है।

Modi Cabinet Clears Fugitive Economic Offenders Bill :

सरकार ने बजट 2017-18 में घोषणा की थी कि आर्थिक अपराध को अंजाम देकर भागने वाले लोगों की संपत्ति जब्त करने के लिए सरकार एक कानून लाएगी। पिछले कई महीनों से इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा था। इस विधेयक के तहत 100 करोड़ से अधिक मूल्य वाले अपराध में शामिल लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि इसमें विदेशों में मौजूद संपत्ति को जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है जेटली ने कहा कि सेक्शन 132 के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और उनके फर्म की जांच को लेकर NFRA का कार्यक्षेत्र सूचीबद्ध और बड़ी गैर-सूचीबद्ध कंपनियों पर लागू होगा।

नई दिल्ली। हजारों करोड़ रुपये लेकर देश से भागने वाले विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी जैसे लोगों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बैंकों का लोन दबाकर बैठने वालों की नकेल कसने की तैयारी कर ली है। दरअसल, मोदी सरकार बैंकों से लोन लेकर विदेश भाग जाने वाले लोगों से पैसा वसूलने के लिए एक नया विधेयक लेकर आई है। केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल 2018 को मंजूरी दी है।सरकार ने बजट 2017-18 में घोषणा की थी कि आर्थिक अपराध को अंजाम देकर भागने वाले लोगों की संपत्ति जब्त करने के लिए सरकार एक कानून लाएगी। पिछले कई महीनों से इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा था। इस विधेयक के तहत 100 करोड़ से अधिक मूल्य वाले अपराध में शामिल लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा।वित्त मंत्री ने बताया कि इसमें विदेशों में मौजूद संपत्ति को जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है जेटली ने कहा कि सेक्शन 132 के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और उनके फर्म की जांच को लेकर NFRA का कार्यक्षेत्र सूचीबद्ध और बड़ी गैर-सूचीबद्ध कंपनियों पर लागू होगा।