मोदी विश्व आर्थिक मंच में शामिल होने के लिए दावोस रवाना

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मोदी विश्व आर्थिक मंच में शामिल होने के लिए दावोस रवाना
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्विट्जरलैंड में आयोजित होने वाले विश्व आर्थिक मंच में शामिल होने के लिए सोमवार को दावोस के लिए रवाना हो गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक ट्वीट में कहा, "भारत की लचीली अर्थव्यवस्था और व्यापार के लिए भारत को आकर्षक गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व आर्थिक सम्मेलन में शामिल होने के लिए दावोस रवाना।" मोदी दो दशकों के बाद विश्व आर्थिक मंच में शामिल होने…

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्विट्जरलैंड में आयोजित होने वाले विश्व आर्थिक मंच में शामिल होने के लिए सोमवार को दावोस के लिए रवाना हो गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक ट्वीट में कहा, “भारत की लचीली अर्थव्यवस्था और व्यापार के लिए भारत को आकर्षक गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व आर्थिक सम्मेलन में शामिल होने के लिए दावोस रवाना।”

मोदी दो दशकों के बाद विश्व आर्थिक मंच में शामिल होने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले साल 1997 में एच.डी देवेगौड़ा इस सम्मेलन में हिस्सा ले चुके हैं। मोदी दावोस में मुख्य कार्यक्रम के तहत 23 जनवरी को पूर्ण सत्र में भाषण देंगे। मोदी मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार परिषद के 120 सदस्यों के साथ भी बातचीत करेंगे जो डब्ल्यूईएफ का एक हिस्सा है।

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भारत का एजेंडा
बैठक में मोदी इस पर जोर दे सकते हैं कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में अहम भागीदार साबित हो सकता है। अन्य देश भी इसमें सहभागिता निभाएं।

भारत में बिजनेस को आसान बनाने, भ्रष्टाचारऔर कालाधन कम करने, टैक्स प्रणाली सरलबनाने और देश के सतत विकास के लिए उठाएगए जरूरी कदमों पर मोदी चर्चा कर सकते हैं।

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चूंकि स्विट्जरलैंड यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन का सदस्य है, इसलिए बर्सेट से मुलाकात में भारत और ईएफटीए के बीच हो रहे द्विपक्षीय निवेश हित समझौते और स्वतंत्र व्यापार समझौते पर अहम चर्चा हो सकती है।

भारत को नया, युवा और प्रगतिशील बनानेऔर संघवाद पर मोदी अपने अनुभव साझा करसकते हैं। साथ ही वैश्विक आतंकवाद को खत्म करने, अस्थिर अर्थव्यवस्था, साइबर खतरे और सामाजिक विषमताओं को समाप्त करने के लिएवैश्विक सहयोग पर चर्चा कर सकते हैं।

वह इसके अलावा भारतीय कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से अलग से भी बातचीत करेंगे।

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