मोदी सरकार ने टिकटॉक, फेसबुक से फर्जी और गलत सूचना को हटाने को कहा

PM-Modi
PM मोदी बोले- 14 अप्रैल को लॉकडाउन हटाना संभव नहीं

नई दिल्ली: सूचना है कि इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टिकटॉक, हेलो और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया मंच को उन शरारती और गलत सूचना देने वाले संदेशों को हटाने को कहा है, जो लोगों को गुमराह कर सरकार के कोरोना महामारी के खिलाफ जारी अभियान को कुंद करते हैं। साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों से दुर्भावनापूर्ण सामग्री वाले संदेश डालने वालों के बारे में ब्यौरा रखने को कहा गया है। उस ब्यौरा को जरूरत पड़ने पर पुलिस एवं अन्य जांच एजेंसियों के साथ साझा किया जा सकता है।

Modi Government Asked To Remove Fake And False Information From Tiktok Facebook :

एक सूत्र ने बताया,इलेक्ट्रानिक्स ओर सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय ने कहा है कि बड़ी संख्या में फर्जी और गलत सूचना वाले ऑडियो और वीडियो संदेश सोशल मीडिया खासकर टिकटॉक, हेलो और फेसबुक पर डाले जा रहे हैं। इस प्रकार के झूठे और गलत संदेशों से लोगों में घबराहट फैलने और अन्य नुकसान का खतरा है। इस बीच भारतीय इंटरनेट और मोबाइल संघ (आईएएमएआई) ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियां को उनके मंच से किसी भी सामग्री को हटाने के आदेश कानूनी तरीके से जारी होने चाहिए।

आईएएमएआई के सदस्यों में फेसबुक, गूगल, टिकटॉक, शेयरचैट जैसी कंपनियां शामिल हैं। आईएएमएआई ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियां खुद से कंटेंट या सामग्री का निर्माण नहीं करती हैं।इसकारण इनका उपयोग करके गलत जानकारियां फैलाने की जिम्मेदारी उपयोक्ता की है।

नई दिल्ली: सूचना है कि इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टिकटॉक, हेलो और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया मंच को उन शरारती और गलत सूचना देने वाले संदेशों को हटाने को कहा है, जो लोगों को गुमराह कर सरकार के कोरोना महामारी के खिलाफ जारी अभियान को कुंद करते हैं। साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों से दुर्भावनापूर्ण सामग्री वाले संदेश डालने वालों के बारे में ब्यौरा रखने को कहा गया है। उस ब्यौरा को जरूरत पड़ने पर पुलिस एवं अन्य जांच एजेंसियों के साथ साझा किया जा सकता है। एक सूत्र ने बताया,इलेक्ट्रानिक्स ओर सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय ने कहा है कि बड़ी संख्या में फर्जी और गलत सूचना वाले ऑडियो और वीडियो संदेश सोशल मीडिया खासकर टिकटॉक, हेलो और फेसबुक पर डाले जा रहे हैं। इस प्रकार के झूठे और गलत संदेशों से लोगों में घबराहट फैलने और अन्य नुकसान का खतरा है। इस बीच भारतीय इंटरनेट और मोबाइल संघ (आईएएमएआई) ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियां को उनके मंच से किसी भी सामग्री को हटाने के आदेश कानूनी तरीके से जारी होने चाहिए। आईएएमएआई के सदस्यों में फेसबुक, गूगल, टिकटॉक, शेयरचैट जैसी कंपनियां शामिल हैं। आईएएमएआई ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियां खुद से कंटेंट या सामग्री का निर्माण नहीं करती हैं।इसकारण इनका उपयोग करके गलत जानकारियां फैलाने की जिम्मेदारी उपयोक्ता की है।