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मोदी सरकार का भ्रष्टाचार पर प्रहार, 21 ‘भ्रष्ट’ अधिकारियों पर गिरी गाज

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। केंद्र सरकार, सरकारी अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर सख्त कार्रवाई कर रही है। मंगलवार को सरकार (Central Board of Direct Taxes) ने आयकर विभाग के 21 अधिकारियों को जबरन रिटायरमेंट दे दी। इन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी।

गौरतलब है कि इस साल कुछ 85 अधिकारी जबरिया रिटायर किए गए जिसमें 64 अधिकारी टैक्स डिपार्टमेंट के हैं। अब बर्खास्त करने के पांचवे दौर में 21 अधिकारियों को सेवामुक्त किया गया है। इन अधिकारियों को फंडामेंटल रूल 56(जे) के तहत रिटायर किया गया है, उनपर भ्रष्टाचार और दूसरे तरह के आरोप थे जिसपर CBI की जांच चल रही थी।

सूत्रों के मुताबिक जबरन रिटायर किए गए अधिकारियों में से तीन CBDT के मुंबई ऑफिस और दो ठाणे के हैं। इसके साथ ही हजारीबाग, नागपुर, राजकोट, जोधपुर, विशाखापत्तनम, हैदराबाद, राजमुंदरी, माधोपुर और बीकानेर, भोपाल और इंदौर में तैनात अधिकारी भी शामिल हैं।

इससे पहले अगस्त, 2019 में भ्रष्टाचार के आरोप में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 22 सीनियर इनकम टैक्स ऑफिसर्स को बर्खास्त कर दिया था। बर्खास्त हुए अधिकारियों में के.के. उइके, एस.आर. परते, कैलाश वर्मा, के.सी. मंडल, एम. एस. डामोर, आर.एस. गोगिया, किशोर पटेल का नाम शामिल है जोकि अधीक्षक के स्तर के पद पर तैनात थे।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से संबोधन के दौरान ही इस कार्रवाई का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि कि कर प्रशासन में कुछ अधिकारी टैक्स पेयर्स को परेशान करने के लिए अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करते हैं। इसलिए कर प्रशासन को साफ और भ्रष्टाचार मुक्त किया जाएगा, ताकि ईमानदार टैक्स पेयर्स को कोई परेशानी न झेलनी पड़े।

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