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कोरोना संकट के बाद भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी में मोदी सरकार

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली: कोरोना के बाद भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मोदी सरकार जोर-शोर से जुट गई है। पिछले दिनों खुद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना ने देश को आत्मनिर्भर बना दिया है। अब वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का कहना है कि सरकार कोविड-19 के प्रकोप के बाद भारत को अगला मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहती है। दरअसल, कोरोना की वजह से पूरी दुनिया में आर्थिक गतिविधियां भी थम गई हैं।

लेकिन इस बीच भारत निवेश के लिए एक बेहतर विकल्प बन सकता है। दुनिया के बड़े अर्थशास्त्री भी कह रहे हैं कि भारत के पास बड़ा मौका है, और मोदी सरकार को इस मौके को भुनाना चाहिए। अगर भारत इस मौके को भुनाता है,तब आने वाले वर्षों में चीन की आर्थिक ताकत कमजोर होगी और उसका एकछत्र कारोबार पर अंकुश लगेगा।

अनुराग ठाकुर को फेडरेशन ऑफ तेलंगाना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सदस्यों और तेलंगाना के उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार देश को पसंदीदा निवेश बनाने के लिए श्रम कानूनों को मजबूत कर रही है। अभी तक कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई सफल रही है। दुनिया भर की कंपनियों को अपनी व्यापार नीति से आकर्षित करने के लिए देश तैयार है।

अनुराग ठाकुर के अनुसार सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए हैं, और अभी भी इस पर काम तेजी से हो रहा है। इसके पहले नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने भी कहा था कि भारत को कोरोना संकट का फायदा उठाकर चीन से बाहर निकलने वाली कंपनियों को अपने यहां आकर्षित करना चाहिए। उन्हें भरोसे में लेना चाहिए।

एक खबर के मुताबिक कोरोना के कारण चीन में विदेशी कंपनियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगभग 1000 विदेशी कंपनियां भारत में आने की सोच रही हैं। इनमें से करीब 300 कंपनियां भारत में फैक्ट्री लगाने को लेकर पूरी तरह से मूड बना चुकी हैं।

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